UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हैं और माना जा रहा है कि 12 मई के बाद कभी भी इसका ऐलान हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक इस बार मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। सरकार केवल विस्तार के मूड में दिखाई दे रही है, यानी मौजूदा मंत्रियों के विभागों में छेड़छाड़ किए बिना कुछ नए चेहरों को शामिल किया जाएगा।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस विस्तार में करीब छह नए विधायकों को मंत्री पद की जिम्मेदारी मिल सकती है। माना जा रहा है कि क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नए नामों का चयन किया जाएगा।
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भाजपा नेतृत्व आगामी चुनावों की रणनीति को ध्यान में रखकर संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में संगठन और सरकार के बीच लंबे समय से चल रही चर्चाओं को अब अंतिम रूप दिया जा सकता है। बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ लगातार बातचीत चल रही है। पिछले कुछ दिनों में लखनऊ और दिल्ली के बीच कई दौर की चर्चा हुई है। भाजपा आगामी विधानसभा चुनावों से पहले संगठन और सरकार दोनों को मजबूत संदेश देना चाहती है। इसी वजह से विस्तार को राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
कोलकाता जाएंगे CM योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को पश्चिम बंगाल दौरे पर भी रहेंगे। वे कोलकाता में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहां शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। भाजपा नेतृत्व इस कार्यक्रम को राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मान रहा है। योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी को भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान योगी आदित्यनाथ भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल रहे थे। उन्होंने राज्य में बीस से अधिक चुनावी रैलियां की थीं, जबकि दो बड़े रोड शो भी आयोजित किए गए थे। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उनकी सभाओं को लेकर काफी उत्साह देखा गया था। भाजपा नेताओं का कहना है कि बंगाल में योगी की सभाओं ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने का काम किया था।
राजनीतिक संकेतों पर टिकी नजर
मंत्रिमंडल विस्तार और बंगाल दौरे को लेकर राजनीतिक विश्लेषक कई तरह के संकेत निकाल रहे हैं। माना जा रहा है कि भाजपा आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर बड़े राजनीतिक समीकरण तैयार करने में जुटी हुई है। ऐसे में योगी आदित्यनाथ की सक्रियता को भविष्य की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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