UP Smart Meter : उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को राहत देते हुए स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। तकनीकी दिक्कतों और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब प्रदेश में स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मोड में संचालित किए जाएंगे। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि अब नए बिजली कनेक्शन केवल स्मार्ट पोस्टपेड मीटर के जरिए ही दिए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इस फैसले से उपभोक्ताओं को बार-बार रिचार्ज कराने और अचानक बिजली कटने जैसी परेशानियों से राहत मिलेगी।
ऊर्जा विभाग ने 1912 हेल्पलाइन को भी मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है ताकि शिकायतों का जल्द निस्तारण हो सके। विभाग जल्द ही इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा।
UP Smart Meter
बिजली बिल और स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने विशेष अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। 15 मई से 30 जून तक प्रदेशभर के अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों में सहायता केंद्र और विशेष कैंप लगाए जाएंगे। यहां उपभोक्ता बिल सुधार, मीटर संबंधी शिकायत और भुगतान से जुड़ी समस्याओं का समाधान करा सकेंगे।
व्हाट्सएप पर मिलेगा बिजली बिल
बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए अलग-अलग डिस्कॉम क्षेत्रों के व्हाट्सएप नंबर भी जारी किए गए हैं। उपभोक्ता अपने बिजली कनेक्शन नंबर भेजकर आसानी से बिल प्राप्त कर सकेंगे। पूर्वांचल के लिए 8010968292, मध्यांचल के लिए 7669003409, पश्चिमांचल के लिए 7859804803, दक्षिणांचल के लिए 8010957826 और केस्को कानपुर क्षेत्र के लिए 8287835233 नंबर जारी किए गए हैं। सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण और दूरदराज इलाकों के उपभोक्ताओं को काफी सहूलियत मिलेगी और उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
जून से फिर पुराने तरीके से आएगा बिल
पावर कॉरपोरेशन ने स्पष्ट किया है कि मई महीने में हुई बिजली खपत का बिल उपभोक्ताओं को 10 जून तक एसएमएस या व्हाट्सएप के माध्यम से भेज दिया जाएगा। बिल जमा करने के लिए उपभोक्ताओं को 15 दिन का समय मिलेगा। तय समय में भुगतान न होने पर अगले सात दिनों के भीतर कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा सकती है। यदि किसी स्मार्ट मीटर की ऑटोमैटिक रीडिंग उपलब्ध नहीं होती है तो मैनुअल रीडिंग के आधार पर बिल जारी किया जाएगा। इसके साथ ही उपभोक्ताओं से अपने मोबाइल नंबर अपडेट कराने की भी अपील की गई है।
बकाया बिल जमा करने के लिए किस्तों की सुविधा
सरकार ने पुराने बकाया बिल जमा करने के लिए भी राहत दी है। घरेलू उपभोक्ता 30 अप्रैल तक के बकाए को 10 किस्तों में जमा कर सकेंगे, जबकि अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा मिलेगी। हालांकि इसमें विलंब अधिभार शामिल रहेगा। ऊर्जा विभाग का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ कम करना और बिल भुगतान प्रक्रिया को आसान बनाना है।
सख्त रुख के बाद हुआ फैसला
स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर लगातार बढ़ती शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लिया था। इसके बाद ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने 4 मई को प्रीपेड व्यवस्था समाप्त करने की घोषणा की थी। अब पावर कॉरपोरेशन के एमडी नितीश कुमार ने सभी डिस्कॉम कंपनियों को नए आदेश जारी करते हुए पोस्टपेड व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ेगा और बिजली सेवाओं में पारदर्शिता आएगी।





