UP Women Reservation : उत्तर प्रदेश विधानसभा के एकदिवसीय विशेष सत्र में महिला आरक्षण का मुद्दा छाया रहा। जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत में ही विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए कहा कि जो दल पहले महिलाओं से जुड़ी योजनाओं का मजाक उड़ाते थे, वही अब आरक्षण की बात कर रहे हैं। उनके इस बयान के बाद सदन का माहौल और ज्यादा गरमा गया।
CM ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के नाम पर खोले गए जनधन खातों का विपक्ष ने कभी मजाक उड़ाया था लेकिन कोविड काल के दौरान इन्हीं खातों के जरिए महिलाओं तक सीधी आर्थिक मदद पहुंचाई गई। उन्होंने इसे सरकार की दूरदर्शिता का उदाहरण बताते हुए कहा कि योजनाओं का असली असर समय के साथ दिखता है, न कि राजनीतिक बयानबाजी से…
UP Women Reservation
महिला आरक्षण को लेकर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष की महिला मंत्रियों और विधायकों ने आरक्षण को हर हाल में लागू करने की मांग उठाई। उन्होंने विपक्ष पर महिलाओं के मुद्दों पर गंभीर न होने का आरोप लगाया और पुराने मामलों का जिक्र करते हुए सपा पर निशाना साधा। वहीं विपक्ष की महिला सदस्यों ने सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि नारी वंदन अधिनियम के बहाने परिसीमन और जनगणना जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है। इस दौरान कई बार सदन में शोर-शराबा भी देखने को मिला।
अशोक कटारिया ने विपक्ष पर कसा तंज
विधान परिषद के सदस्य अशोक कटारिया ने चर्चा के दौरान कहा कि भारत की संस्कृति में नारी को हमेशा सर्वोच्च स्थान दिया गया है। उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं को राजनीतिक रूप से मजबूत करने की पहल बताया। उनका कहना था कि देश में नारी को शक्ति का प्रतीक माना जाता है और यह विधेयक उसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास है। सत्र के दौरान सत्ता पक्ष के नेताओं ने विपक्ष पर तीखे तंज भी कसे। उन्होंने कहा कि जो दल इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं, वे खुद अपने राजनीतिक भविष्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कुछ नेताओं ने विपक्ष की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता अब सब समझ चुकी है और महिलाओं के मुद्दे पर राजनीति करने वालों को जवाब मिलेगा।
रामधारी दिनकर जी ने एक पंक्ति लिखी है कि जब नाश मनुष्य पर छाता है तो सबसे पहले उसका विवेक मर जाता है। इसका अर्थ ये है कि जो पार्टी और नेता इसका विरोध कर रहे हैं, उनके विनाश का समय निकट आ गया है। वहीं, कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पार्टी तो अब इस सदन से गायब हो चुकी है। जब हमारी योजनाओं से बहन-बेटियों को खुशी मिल रही है तो इससे बड़ा हर्ष क्या हो सकता है। कांग्रेस के लोगों को अब पता चलेगा जब महिलाएं इनसे सवाल पूछेंगी
महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार का फोकस
निश्चित रूप से मैं कह सकता हूँ कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो कमिटमेंट लिया है वो ऐसे भारत माता के सच्चे सपूत हैं वो जो Commitment अपने सामने रखते हैं उसको पूरा जरूर करते हैं और मेरे हृदय का दृढ़ विश्वास है कि विपक्ष कितने ही अवरोध लगा ले मोदी जी निश्चित रूप से बहनों के लिए उनका हक देकर रहेंगे ।
“जाके पैर न फटी बिवाई, वो क्या जाने पीर पराई”
हमारे नेता नरेन्द्र मोदी जी ने जीवन में संघर्ष देखा भी है, उसे भोगा भी है और उसे जिया भी है। इसी अनुभव ने उन्हें समाज के हर वर्ग की पीड़ा को समझने की संवेदनशीलता दी है । प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही श्री नरेंद्र मोदी जी ने देश के खजाने के द्वार गरीबों के कल्याण के लिए खोले, नारियों के सशक्तिकरण के लिए खोले, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य व पहचान के लिए खोले हैं। आज उनका नेतृत्व एक ऐसे भारत का निर्माण कर रहा है जहां हर वर्ग को समान अवसर और सम्मान मिल रहा है।
सत्ता पक्ष के नेताओं ने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ महिलाओं तक पहुंच रहा है, जिससे उनका सामाजिक और आर्थिक स्तर बेहतर हुआ है। साथ ही यह भी कहा गया कि भविष्य में भी महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में अधिक भागीदारी देने की दिशा में काम जारी रहेगा। वहीं, अब सत्ता और विपक्ष दोनों ही इसे लेकर अपनी-अपनी रणनीति बना रहे हैं। अब देखना होगा कि इस बहस का असर आगे किस तरह के राजनीतिक फैसलों और जनमत पर पड़ता है।
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