Iran-US War : मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान ने साफ कहा है कि किसी नए सैन्य संघर्ष की स्थिति में भी उसकी नीतियों में बदलाव नहीं होगा। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर जल्द हमले की संभावना से इनकार नहीं किया है। दोनों देशों के बयानों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी तनाव बना हुआ है। बता दें कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान में एक कार्यक्रम के दौरान चेतावनी दी कि अमेरिका या किसी अन्य देश की ओर से दोबारा सैन्य कार्रवाई करना अविवेकपूर्ण कदम होगा।
ईरानी समाचार एजेंसी आईएसएनए के मुताबिक, उन्होंने कहा कि 40 दिनों तक चले युद्ध के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था बदल चुकी है और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पहले जैसी नहीं रहेगी।
Iran-US War
अराघची ने संघर्ष को पश्चिम एशिया के इतिहास का अहम मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि युद्ध का अंत सभी मोर्चों पर होना चाहिए। उनके बयान से संकेत मिलता है कि ईरान किसी समाधान को केवल एक क्षेत्र तक सीमित रखने के बजाय व्यापक स्तर पर देख रहा है। ईरानी विदेश मंत्री ने दावा किया कि युद्ध के दौरान ईरानी बलों ने 80 से अधिक अमेरिकी विमानों और लड़ाकू विमानों को नष्ट किया।
उनके मुताबिक, इनमें से अधिकांश को जमीन पर मिसाइलों से निशाना बनाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में अमेरिका के लगभग सभी सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा और सैकड़ों इमारतें तबाह हुईं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
ईरान पर जल्द होगी कार्रवाई
दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ईरान पर संभावित हमले को लेकर कहा कि कार्रवाई अगले दिन भी हो सकती है, हालांकि उन्होंने समझौते की संभावना भी जताई। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान बातचीत करना चाहता है, लेकिन सवाल यह है कि वह किसी समझौते का पालन करेगा या नहीं। ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य अभियान का बचाव करते हुए दावा किया कि ईरान के लड़ाकू विमान निष्क्रिय कर दिए गए और 259 जहाज समुद्र में डूब चुके हैं। उन्होंने ईरान में रिकॉर्ड महंगाई का भी जिक्र किया। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
प्रस्ताव की खबर खारिज
इस बीच, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के बदले अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने से जुड़े कथित प्रस्ताव की खबरों को खारिज किया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से संबद्ध तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, तेहरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए ऐसा कोई नया प्रस्ताव नहीं भेजा। रिपोर्ट में इस खबर को झूठा और मनगढ़ंत बताया गया।
फिलहाल, ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य कार्रवाई की चेतावनियों के साथ समझौते की संभावना पर भी बयान सामने आ रहे हैं। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य और पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर आने वाले दिनों में दुनिया की नजर बनी रहेगी।
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