Russia Ukraine War : रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग में एक भारतीय कंपनी को बड़ा नुकसान हुआ है। यूक्रेन के सूमी में भारतीय स्वामित्व वाले एक फार्मास्युटिकल वेयरहाउस पर ड्रोन हमले की खबर सामने आई है। हमले में गोदाम बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि वहां काम करने वाले 52 वर्षीय कर्मचारी की मौत हो गई। तीन अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी है।
यूक्रेन में भारतीय स्वामित्व वाली इस फार्मास्युटिकल सुविधा पर हुए हमले के बाद मामला भारत से भी जुड़ गया है। यूक्रेनी पक्ष का कहना है कि जिस वेयरहाउस को नुकसान पहुंचा, वह दवाओं से संबंधित एक सामान्य व्यावसायिक सुविधा थी और सैन्य ठिकाना नहीं था। फिलहाल कंपनी की तरफ से घटना पर विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।
Russia Ukraine War
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने हमले का जिक्र करते हुए कहा कि रूसी ड्रोन ने सूमी में एक फार्मास्युटिकल गोदाम को निशाना बनाया, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई। उन्होंने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। जेलेंस्की ने राजधानी कीव में पिवनिच्नी ब्रिज पर भी ड्रोन हमला किए जाने का आरोप लगाया है। यूक्रेन के मुताबिक, रूस ने रातभर में बड़े स्तर पर ड्रोन हमला किया। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दावा किया कि कुल 135 हमलावर ड्रोन लॉन्च किए गए, जिनमें 50 से ज्यादा जेट-प्रोपेल्ड ड्रोन शामिल थे। हमलों का असर केवल सूमी तक सीमित नहीं रहा। कीव, खार्किव, ड्निप्रो, डोनेट्स्क और जापोरिज्जिया समेत कई क्षेत्रों में भी ड्रोन गतिविधियां दर्ज किए जाने की बात कही गई है।
लगातार हो रहे हमलों के कारण कई स्थानों पर इमारतों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबर है। प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति और आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ा। यूक्रेन का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से रूस लगातार ड्रोन के जरिए उसके अलग-अलग शहरों और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहा है।
सहयोग बढ़ाने की अपील
जेलेंस्की ने यह भी दावा किया कि केवल एक सप्ताह के दौरान रूस ने यूक्रेन के खिलाफ 1,900 से अधिक हमलावर ड्रोन, करीब 1,700 हवाई बम और 25 मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यूक्रेन को हवाई हमलों से बचाने के लिए सहयोग बढ़ाने की अपील की है। सूमी में जिस फार्मास्युटिकल सुविधा को नुकसान पहुंचा है, वह कुसुम समूह से जुड़ी बताई गई है। इस समूह का यूक्रेन से संबंध तीन दशक से ज्यादा पुराना है। कंपनी ने 1994 में वहां भारतीय दवाओं के वितरण के साथ अपना कारोबार शुरू किया था। बाद में कंपनी ने अपने ब्रांड के तहत दवाओं की मार्केटिंग और उत्पादन की दिशा में विस्तार किया।
कुसुम समूह ने 2009 में सूमी में अपना फार्मास्युटिकल प्लांट स्थापित किया था। कंपनी कई तरह की जेनेरिक दवाओं का उत्पादन करती है। यूक्रेन के अलावा इसके उत्पाद उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान और फिलीपींस समेत दूसरे बाजारों में भी उपलब्ध रहे हैं।
आर्थिक नुकसान का आंकड़ा
इस घटना ने रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण निजी और विदेशी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सामने पैदा हुए खतरे को एक बार फिर सामने ला दिया है। फिलहाल हमले में हुए कुल आर्थिक नुकसान का आंकड़ा स्पष्ट नहीं है। वहीं, भारतीय स्वामित्व वाली कंपनी की तरफ से भी घटना और अपने कर्मचारियों की स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
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