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Primary Market में हलचल, ओनेमी टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस IPO की एंट्री; पहले दिन सुस्त शुरुआत

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Primary Market : काफी समय बाद प्राइमरी मार्केट में किसी मेनबोर्ड आईपीओ ने दस्तक दी है। ओनेमी टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस का इश्यू खुलते ही बाजार में हलचल जरूर दिखी, लेकिन निवेशकों की शुरुआती प्रतिक्रिया ज्यादा उत्साहजनक नहीं रही। पहले दिन दोपहर 1 बजे तक यह इश्यू कुल मिलाकर महज 0.16 फीसदी सब्सक्राइब हो पाया। यह आंकड़ा बताता है कि फिलहाल निवेशक इस आईपीओ को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं।

सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों पर नजर डालें तो रिटेल कैटेगरी में भागीदारी और भी कम रही। दोपहर तक रिटेल निवेशकों का हिस्सा सिर्फ 0.04 फीसदी तक पहुंच पाया। आम तौर पर किसी भी आईपीओ में रिटेल निवेशकों की सक्रियता शुरुआती ट्रेंड तय करती है, लेकिन यहां फिलहाल माहौल ठंडा नजर आ रहा है।

Primary Market में हलचल

इससे संकेत मिलता है कि छोटे निवेशक अभी कंपनी के प्रदर्शन और संभावनाओं को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। ग्रे मार्केट में इस आईपीओ को लेकर बहुत ज्यादा उत्साह नहीं दिख रहा है। कंपनी का जीएमपी करीब 3.5 रुपये प्रति शेयर दर्ज किया गया है, जो पिछले स्तर के मुकाबले थोड़ी बढ़त जरूर दिखाता है। प्रतिशत के हिसाब से यह करीब 2 फीसदी की तेजी है। हालांकि इतनी सीमित बढ़त से यह साफ है कि लिस्टिंग को लेकर बड़े मुनाफे की उम्मीद फिलहाल नहीं बन रही है।

संभावित लिस्टिंग का अनुमान

ओनेमी टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस ने अपने शेयर का इश्यू प्राइस 171 रुपये तय किया है। अगर मौजूदा जीएमपी को आधार मानें, तो इसकी संभावित लिस्टिंग करीब 174.5 रुपये के आसपास हो सकती है। निवेशकों को लिस्टिंग के दिन मामूली प्रीमियम मिल सकता है। हालांकि, यह सिर्फ अनुमान है, क्योंकि लिस्टिंग कीमत बाजार की मांग और निवेशकों के रुझान पर निर्भर करती है। बाजार के जानकारों का मानना है कि किसी भी आईपीओ में निवेश का निर्णय केवल जीएमपी देखकर नहीं लेना चाहिए।

जीएमपी अक्सर अल्पकालिक संकेत देता है और इसमें उतार-चढ़ाव भी तेज होता है। ऐसे में निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, बिजनेस मॉडल और भविष्य की संभावनाओं का मूल्यांकन करना जरूरी है। यही फैक्टर लंबे समय में रिटर्न तय करते हैं।

बेसिक डिटेल्स

डिटेल जानकारी
प्राइस बैंड ₹162 – ₹171
लॉट साइज 87 शेयर्स
कब खुला? 30 अप्रैल
कब बंद होगा? 5 मई

आगे क्या रहेगा निवेशकों का रुख?

पहले दिन के आंकड़े भले ही कमजोर रहे हों, लेकिन आईपीओ के बाकी दिनों में तस्वीर बदल सकती है। अक्सर देखा गया है कि निवेशक आखिरी दिनों में ज्यादा सक्रिय होते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में सब्सक्रिप्शन के आंकड़े और निवेशकों की दिलचस्पी पर सभी की नजर रहेगी। फिलहाल, यह आईपीओ सावधानी और सोच-समझकर निवेश करने का संकेत दे रहा है।

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