Naveen Chauhan Protest Video : किसी भी प्रदर्शन में अपनी मांग और विरोध दर्ज कराने का अधिकार महत्वपूर्ण है। वहीं मौके पर मौजूद लोगों से सवाल करना और उनका पक्ष जनता के सामने रखना पत्रकारिता का हिस्सा है। दिल्ली में एक प्रदर्शन के दौरान ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां प्रदर्शनकारियों से सवाल-जवाब के बीच माहौल अचानक गरमा गया।
Headlines India के संस्थापक और पत्रकार नवीन चौहान प्रदर्शन कर रही महिलाओं से बातचीत करने पहुंचे थे। सामने आए वीडियो में वह प्रदर्शन की मांगों, उसके आधार और उससे जुड़े कानूनी पहलुओं को लेकर सवाल करते नजर आ रहे हैं। बातचीत के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों और नवीन चौहान के बीच बहस शुरू हो जाती है।
Naveen Chauhan Protest Video
वीडियो में नवीन चौहान महिलाओं से यह जानने की कोशिश करते दिखाई देते हैं कि वे किस मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं और उसके समर्थन में उनका पक्ष क्या है। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों की ओर से मीडिया को लेकर नारेबाजी भी सुनाई देती है। इसके बाद बातचीत तीखी बहस में बदलती नजर आती है। सोशल मीडिया पर इस घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
IPS अधिकारी विवेक भगत
इस बीच ACP विवेक भगत से जुड़ा एक अलग मामला भी सामने आया है. दिल्ली पुलिस ने उनके नाम और तस्वीर के साथ कथित आपत्तिजनक AI वीडियो प्रसारित करने के मामले में नदीम अहमद अमीन नाम के युवक को गिरफ्तार किया है. पुलिस का दावा है कि जांच में वीडियो फर्जी और AI की मदद से तैयार किया गया पाया गया. हालांकि ACP विवेक भगत पर महिला पत्रकारों की ओर से लगाए गए आरोप एक अलग मामला है और उसकी जांच जारी है.
पुलिस ने किया अरेस्ट
मामले को लेकर संबंधित पुलिस अधिकारी का कहना है कि बीते 5 अक्टूबर को नदीम नामक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है, जो कि पेशे से खुद को इंडिपेंडेंट जनर्लिस्ट बताया है। आईटी की मदद से इसका पता लगाया गया, जो हरियाणा के पलवल जिले का रहने वाला है। उम्र 24 वर्ष का नदीम खुद को 10वीं फेल बताया है। उसने अपने पुलिस की पूछताछ में बताया कि एआई टूल की मदद से सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान इस वीडियो को बनाया, जिसे बनाने के पीछे उसका उद्देश्य केवल प्रदर्शनकारियों को उत्तेजित करना था। फिलहाल, टीम उसके अन्य साथियों की तलाश में जुट गई है।
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— Headlines India (@HI_headlines) October 6, 2026
सवालों का दौर रहेगा जारी
प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों के बीच असहमति होना असामान्य नहीं है। पत्रकार सवाल पूछ सकते हैं और प्रदर्शनकारी उनका जवाब देने, असहमति जताने या अपना पक्ष रखने के लिए स्वतंत्र हैं। इसके बावजूद किसी भी स्थिति में बातचीत और विरोध कानून के दायरे में तथा शांतिपूर्ण तरीके से होना जरूरी है। फिलहाल, इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं और दावे सामने आ रहे हैं। वहीं, नवीन चौहान के तीखे सवाल पर ऐसे उग्र हो जाना कहीं न कहीं हमारे समाज को किसी ओर दिशा में मोड़ रहा है।




