Message : आज के समय में मोबाइल और चैटिंग हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। लोग घंटों तक मैसेज के जरिए जुड़े रहते हैं, लेकिन इसी के साथ एक नई परेशानी टेक्स्टिंग एंग्जायटी भी तेजी से सामने आ रही है। कई लोग ऐसे हैं जिन्हें मैसेज भेजने या जवाब देने से पहले घबराहट होने लगती है। यह समस्या धीरे-धीरे मानसिक तनाव का कारण बन सकती है। टेक्स्टिंग एंग्जायटी एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति मैसेज भेजते समय या पढ़ते वक्त असहज महसूस करता है।
इसमें बार-बार मैसेज टाइप करके डिलीट करना, सामने वाले के ‘लास्ट सीन’ या ‘सीन’ देखकर परेशान होना और देर से जवाब मिलने पर बेचैनी होना शामिल है। यह समस्या खासकर युवाओं में ज्यादा देखी जा रही है।
Message भेजने से पहले घबराहट?
टेक्स्टिंग एंग्जायटी के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। सबसे बड़ा कारण ओवरथिंकिंग है, जिसमें लोग हर शब्द को लेकर जरूरत से ज्यादा सोचते हैं। इसके अलावा, रिजेक्शन का डर भी अहम भूमिका निभाता है, लोग सोचते हैं कि सामने वाला क्या सोचेगा। वहीं, तुरंत जवाब देने का दबाव भी तनाव बढ़ाता है। सोशल मीडिया की वजह से दूसरों की एक्टिविटी देखकर खुद की तुलना करना भी इस समस्या को और बढ़ा देता है।
लक्षणों से ऐसे करें पहचान
अगर आपको मैसेज भेजने में हिचकिचाहट होती है या आप बार-बार फोन चेक करते हैं, तो यह टेक्स्टिंग एंग्जायटी का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, मैसेज पढ़ते या भेजते समय दिल की धड़कन तेज होना, छोटे-छोटे मैसेज पर भी ज्यादा सोचना और जवाब देने में असहज महसूस करना इसके सामान्य लक्षण हैं। समय रहते इन संकेतों को पहचानना जरूरी है। इस समस्या से बचने के लिए सबसे पहले यह समझें कि हर मैसेज परफेक्ट होना जरूरी नहीं है। अपने नोटिफिकेशन को कंट्रोल करें और बार-बार फोन चेक करने की आदत कम करें। जवाब देने के लिए खुद को समय दें और ओवरथिंकिंग से बचें। इसके अलावा कुछ समय के लिए डिजिटल ब्रेक लेना भी फायदेमंद हो सकता है।
रियल लाइफ बातचीत बढ़ाना है जरूरी
टेक्स्टिंग एंग्जायटी से बाहर निकलने का सबसे आसान तरीका है रियल लाइफ बातचीत को बढ़ाना। आमने-सामने बात करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और तनाव कम होता है। साथ ही खुद को समझना और यह स्वीकार करना भी जरूरी है कि यह एक सामान्य समस्या है, जिससे सही तरीके अपनाकर आसानी से बाहर निकला जा सकता है।
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