Mental Health Tips : सोशल मीडिया आज युवाओं की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले लाइक्स, कमेंट्स और शेयर कई लोगों के लिए सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि आत्मविश्वास का पैमाना बनते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब किसी पोस्ट पर उम्मीद के मुताबिक प्रतिक्रिया नहीं मिलती, तो कई युवा निराशा, चिंता और आत्म-संदेह महसूस करने लगते हैं। वहीं, ज्यादा लाइक्स मिलने पर बार-बार सोशल मीडिया देखने की आदत विकसित हो सकती है।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सोशल मीडिया पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने पर दिमाग में डोपामाइन नामक रसायन सक्रिय होता है, जो खुशी और संतुष्टि का एहसास कराता है।
Mental Health Tips
यदि व्यक्ति बार-बार इसी अनुभव की तलाश करने लगे, तो उसका आत्मविश्वास धीरे-धीरे सोशल मीडिया पर मिलने वाली प्रतिक्रिया पर निर्भर होने लगता है। ऐसे में लाइक्स और तारीफ कम मिलने पर खुद को कम महत्वपूर्ण महसूस करने की संभावना बढ़ सकती है। जब किसी पोस्ट पर अपेक्षा से कम लाइक्स या कमेंट्स आते हैं, तो कुछ लोग इसे अपनी लोकप्रियता या स्वीकार्यता से जोड़कर देखने लगते हैं। इससे तनाव, चिंता और आत्मसम्मान में कमी महसूस हो सकती है। कई युवा अपनी पोस्ट को बार-बार चेक करते हैं या कम प्रतिक्रिया मिलने पर उसे हटा भी देते हैं। लंबे समय तक ऐसा व्यवहार मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
बन सकता है परेशानी
सोशल मीडिया पर लोग अक्सर अपनी जिंदगी के सबसे अच्छे पल साझा करते हैं। इन्हें देखकर कई युवा अपनी सामान्य जिंदगी की तुलना दूसरों की “परफेक्ट” तस्वीरों और वीडियो से करने लगते हैं। लगातार ऐसी तुलना करने से हीन भावना, असंतोष, ईर्ष्या और आत्मविश्वास में कमी जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। नोटिफिकेशन, लाइक्स और नए कमेंट्स देखने की उत्सुकता कई लोगों को लगातार मोबाइल चेक करने के लिए प्रेरित करती है। इससे स्क्रीन टाइम बढ़ता है और पढ़ाई, काम, नींद तथा परिवार के साथ बिताया जाने वाला समय प्रभावित हो सकता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता भी कमजोर पड़ सकती है।
बन रही बड़ी चुनौती
सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग, अपमानजनक टिप्पणियां, बॉडी शेमिंग और ऑनलाइन उत्पीड़न जैसी घटनाएं मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाल सकती हैं। ऐसे अनुभव व्यक्ति में तनाव, डर और उदासी बढ़ा सकते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नकारात्मक टिप्पणियों का जवाब देने के बजाय उन्हें रिपोर्ट या ब्लॉक करें और जरूरत पड़ने पर परिवार, दोस्तों या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से मदद लें। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया का संतुलित इस्तेमाल सबसे बेहतर तरीका है। स्क्रीन टाइम सीमित रखें, वास्तविक जीवन में दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताएं, अपनी तुलना दूसरों से करने से बचें और यह याद रखें कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली तस्वीरें किसी की पूरी जिंदगी की सच्चाई नहीं होतीं। यदि सोशल मीडिया के कारण लगातार तनाव, चिंता या उदासी महसूस हो रही हो, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना फायदेमंद हो सकता है।
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