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Ajab-Gajab: 6,000 साल पुराने पेड़ के अंदर चलता था दुनिया का सबसे अनोखा बार, अब हमेशा के लिए बंद

Ajab-Gajab : दुनिया में थीम बेस्ड कैफे और रेस्तरां की कोई कमी नहीं है, लेकिन दक्षिण अफ्रीका में एक ऐसा बार भी था, जो किसी इमारत में नहीं बल्कि हजारों साल पुराने एक विशाल पेड़ के अंदर बनाया गया था। लिम्पोपो प्रांत में स्थित सनलैंड बाओबाब ट्री के खोखले तने में बना बिग बाओबाब ट्री बार वर्षों तक पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। यहां आने वाले लोग सिर्फ ड्रिंक का आनंद लेने नहीं, बल्कि प्रकृति के बीच एक अनोखा अनुभव हासिल करने पहुंचते थे। जिस पेड़ के अंदर यह बार बनाया गया था, उसे सनलैंड बाओबाब के नाम से जाना जाता था।

माना जाता है कि इसकी उम्र करीब 6,000 साल थी। बाओबाब पेड़ अपने विशाल तनों के लिए प्रसिद्ध होते हैं, लेकिन यह पेड़ आकार और बनावट के मामले में बेहद खास था। इसके प्राकृतिक रूप से बने खोखले हिस्से ने इसे दुनिया के सबसे अनोखे बार में बदल दिया।

Ajab-Gajab: अलग ही अनुभव

इस बार की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि यहां लोग किसी सीमेंट या लकड़ी की इमारत में नहीं, बल्कि एक जीवित पेड़ के भीतर बैठते थे। पेड़ की प्राकृतिक दीवारें, लकड़ी की बनावट और अंदर का ठंडा वातावरण पूरे अनुभव को खास बना देता था। यहां बैठने वाले कई पर्यटकों का कहना था कि ऐसा महसूस होता था जैसे वे किसी कहानी या कल्पनाओं की दुनिया में पहुंच गए हों।

15 लोग एक साथ कर सकते थे पार्टी

करीब 13 फीट ऊंचे इस प्राकृतिक कक्ष में एक समय में लगभग 15 लोग आराम से बैठ सकते थे। यहां बीयर समेत कई तरह के पेय परोसे जाते थे और लोग घंटों दोस्तों के साथ समय बिताते थे। दुनिया भर से पर्यटक सिर्फ इस अनोखे बार को देखने और उसके अंदर कुछ समय बिताने के लिए लंबा सफर तय करके पहुंचते थे। समय के साथ बिग बाओबाब ट्री बार की तस्वीरें और वीडियो ट्रैवल मैगजीन और सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुए। दक्षिण अफ्रीका घूमने आने वाले पर्यटक अपनी यात्रा में इस जगह को खास तौर पर शामिल करते थे। यह बार सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे अलग अनुभवों में गिना जाने लगा था।

बंद करना पड़ा बार

करीब 6,000 वर्षों तक मजबूती से खड़े रहने के बाद वर्ष 2016 और 2017 में इस पेड़ के कुछ बड़े हिस्से टूटने लगे। विशेषज्ञों ने इसे प्राकृतिक उम्र का असर बताया। पेड़ की संरचना कमजोर होने के बाद पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बार को हमेशा के लिए बंद करने का फैसला लिया गया। इसके बाद यहां पहले जैसी चहल-पहल खत्म हो गई। हालांकि, यह अनोखा बार अब संचालित नहीं होता, लेकिन इसकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है। सोशल मीडिया पर इसकी पुरानी तस्वीरें और वीडियो अक्सर वायरल होते रहते हैं। यह स्थान आज भी उन दुर्लभ पर्यटन स्थलों में गिना जाता है, जहां प्रकृति और इंसानी कल्पनाशीलता का अनोखा संगम देखने को मिला। हजारों साल पुराने पेड़ के भीतर बना यह बार आज भी दुनिया के सबसे अनोखे पर्यटन आकर्षणों में अपनी अलग पहचान रखता है।

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