IPL 2026 : दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में आईपीएल मैच के दौरान प्रीमियम टिकटों को लेकर बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक लाख रुपये से ज्यादा कीमत वाले टिकटों की कॉपी बनाकर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की गई। इस घटना ने क्रिकेट प्रशासन और स्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस मामले में दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के डायरेक्टर आनंद वर्मा ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने इसे एक संगठित आपराधिक साजिश बताया है। वर्मा के अनुसार, यह सिर्फ टिकट की नकल का मामला नहीं बल्कि एक बड़े रैकेट का हिस्सा है।
IPL 2026
यह पूरा मामला 4 अप्रैल को खेले गए IPL 2026 के मैच के दौरान सामने आया। दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस के मुकाबले में वर्मा के पास मौजूद कॉम्प्लिमेंट्री प्रीमियम टिकट पहले ही स्कैन दिखाए गए। जब वे अपने मेहमानों के साथ स्टेडियम पहुंचे तो उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया, जिससे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि असली टिकटों को पहले स्कैन कर लिया जाता था और फिर उनकी नकली कॉपी तैयार कर लोगों को बेच दी जाती थी। इस तरह एक ही टिकट पर कई लोगों को स्टेडियम में एंट्री दी जा रही थी। वर्मा का कहना है कि इसमें डीडीसीए के कुछ कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों की मिलीभगत भी हो सकती है।
आर्थिक नुकसान
इस फर्जीवाड़े से डीडीसीए को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। साथ ही दर्शकों से लाखों रुपये की ठगी भी की जा रही है। सबसे बड़ी चिंता सुरक्षा को लेकर है, क्योंकि बिना सही जांच के लोगों को अंदर जाने देना खिलाड़ियों, वीआईपी मेहमानों और आम दर्शकों के लिए खतरा बन सकता है। डीडीसीए के एक अन्य डायरेक्टर नवदीप मल्होत्रा के परिवार के साथ भी इसी तरह की घटना सामने आई। उनके टिकट भी पहले से स्कैन दिखाए गए, जिसके बाद उन्होंने भी इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है। इससे साफ है कि यह मामला किसी एक घटना तक सीमित नहीं है।
दिल्ली कैपिटल्स फ्रेंचाइजी ने इन आरोपों से साफ इनकार किया है। टीम का कहना है कि उनका इस टिकट हेरफेर से कोई लेना-देना नहीं है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आने वाले दिनों में इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
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