India vs New Zealand : भारतीय क्रिकेट टीम साल के आखिर में न्यूजीलैंड के दौरे पर जाएगी। इस दौरे पर दोनों टीमों के बीच 22 अक्टूबर से 1 दिसंबर के बीच पांच टी20 इंटरनेशनल, पांच वनडे और दो टेस्ट मैच खेले जाएंगे। हालांकि टेस्ट सीरीज का महत्व बाकी मुकाबलों से कहीं ज्यादा है, क्योंकि इसके नतीजे भारत के वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 अभियान के लिए अहम साबित हो सकते हैं। भारतीय टीम की कोशिश न्यूजीलैंड में होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करके WTC पॉइंट्स टेबल में अपनी स्थिति मजबूत करने की होगी।
टीम का लक्ष्य टॉप-2 में जगह बनाकर 2027 में द ओवल में होने वाले WTC फाइनल का टिकट हासिल करना है। ऐसे में विदेशी परिस्थितियों में तेज गेंदबाजी आक्रमण की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है।
India vs New Zealand
टेस्ट सीरीज नजदीक आने के साथ ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और टीम मैनेजमेंट ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक न्यूजीलैंड दौरे के लिए पांच तेज गेंदबाजों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इनमें जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़ और आकाश दीप के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। इस संभावित सूची में अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का नाम नहीं है। शमी ने भारत के लिए 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट लिए हैं और न्यूजीलैंड में चार टेस्ट मैचों में 15 विकेट उनके नाम हैं। इसके बावजूद रिपोर्ट के अनुसार टीम मैनेजमेंट फिलहाल उन्हें अपनी योजना में शामिल नहीं कर रहा है।
जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी डार भी संभावित खिलाड़ियों की सूची से बाहर बताए जा रहे हैं। नबी 2025-26 रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे थे और श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए उन्हें पहली बार भारतीय टीम में जगह मिली थी, हालांकि उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला।
फिटनेस भी बड़ा सवाल
शॉर्टलिस्ट किए गए खिलाड़ियों में जसप्रीत बुमराह और आकाश दीप फिलहाल चोट के कारण मैदान से बाहर हैं। ऐसे में न्यूजीलैंड दौरे तक उनकी फिटनेस टीम के लिए सबसे अहम मुद्दों में से एक होगी। वहीं गुरनूर बराड़ ने अभी तक भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू नहीं किया है। हालांकि घरेलू क्रिकेट और इंडिया ए के लिए उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट का ध्यान खींचा है।
मुंबई में BCCI की अहम बैठक
रिपोर्ट के मुताबिक BCCI अधिकारी गुरुवार को मुंबई में भारतीय टीम मैनेजमेंट के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान संभावित तेज गेंदबाजों की फिटनेस, उपलब्धता और न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में उनकी संभावित भूमिका पर चर्चा होने की उम्मीद है। इस बैठक के बाद टीम की तैयारियों को लेकर तस्वीर कुछ और स्पष्ट हो सकती है। न्यूजीलैंड की परिस्थितियां आमतौर पर तेज गेंदबाजों के लिए ज्यादा मददगार मानी जाती हैं। यहां की पिचों और मौसम का फायदा उठाकर सीम और स्विंग गेंदबाज बल्लेबाजों के सामने मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। यही वजह है कि भारतीय टीम मैनेजमेंट टेस्ट सीरीज के लिए अपने पेस अटैक को मजबूत विकल्पों के साथ तैयार करना चाहता है।
भारत को मिली थी हार
भारत ने न्यूजीलैंड में आखिरी बार 2020 में टेस्ट सीरीज खेली थी। विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टीम को उस दौरे पर दोनों टेस्ट मैचों में हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद भारत में खेली गई दोनों टीमों की पिछली टेस्ट सीरीज में भी न्यूजीलैंड ने भारत को 3-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया था। ऐसे में आगामी दो टेस्ट मैच भारत के लिए सिर्फ WTC अंक जुटाने का मौका नहीं, बल्कि न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछली नाकामियों का हिसाब बराबर करने की चुनौती भी होंगे।




