Tattoo Lover Anshu Maurya Story : आज के दौर में टैटू युवाओं के बीच सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि खुद को अलग अंदाज में व्यक्त करने का माध्यम भी बनता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर निवासी अंशु मौर्य की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। मुंबई में नौकरी के दौरान शुरू हुआ उनका टैटू का शौक आज उनकी सबसे बड़ी पहचान बन गया है। उनके शरीर पर बने हर टैटू के पीछे कोई न कोई खास याद, पसंद या जीवन से जुड़ी सोच छिपी हुई है।
अंशु बताते हैं कि मुंबई की एक निजी कंपनी में काम करते समय उन्होंने टैटू आर्टिस्ट सनी और रोहित की कला को करीब से देखा। उनकी डिजाइनिंग और बारीक काम ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने अपना पहला टैटू बनवाने का फैसला किया।
Tattoo Lover Anshu Maurya Story
सबसे पहले उन्होंने अपने बाएं कंधे पर एक महिला का पोर्ट्रेट बनवाया, जिसे आज भी वह अपने सबसे पसंदीदा टैटू में गिनते हैं। उनके मुताबिक टैटू उनके लिए केवल फैशन नहीं, बल्कि एक ऐसी कला है जो हमेशा उनके साथ रहती है। समय के साथ अंशु ने अपने शरीर पर कई अलग-अलग थीम वाले टैटू बनवाए। दूसरे कंधे पर भेड़िये और फूलों का डिजाइन ताकत और प्रकृति का प्रतीक है, जबकि दाएं हाथ पर बना अघोरी का पोर्ट्रेट उनकी सबसे पसंदीदा कलाकृतियों में शामिल है। इसके अलावा उन्होंने मिस्र की सभ्यता, मोटिवेशनल डिजाइन और अपने बचपन के पसंदीदा पोकेमोन कैरेक्टर को भी टैटू के रूप में शरीर पर जगह दी है। उनका कहना है कि हर टैटू सोच-समझकर चुना जाता है, क्योंकि यह जीवनभर साथ रहता है।
खर्च किए करीब 3 लाख रुपये
अंशु मौर्य अब तक अपने टैटू पर करीब तीन लाख रुपये खर्च कर चुके हैं। उनका कहना है कि अगर कभी इन्हें हटाने की नौबत आई, तो लगभग इतनी ही राशि दोबारा खर्च करनी पड़ेगी। मेडिकल साइंस के अनुसार टैटू की स्याही त्वचा की दूसरी परत यानी डर्मिस में डाली जाती है, इसलिए यह लंबे समय तक बनी रहती है। अंशु मानते हैं कि टैटू उनके लिए महज डिजाइन नहीं, बल्कि उनकी जिंदगी, यादों और व्यक्तित्व का स्थायी हिस्सा हैं।




