Groww : देश के तेजी से उभरते ऑनलाइन ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म Groww को लेकर बाजार में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल ने Groww की पैरेंट कंपनी बिलियनब्रेंस गैराज वेंचर्स लिमिटेड पर कवरेज शुरू करते हुए इसके शेयरों में मजबूत तेजी की संभावना जताई है। रिपोर्ट सामने आते ही निवेशकों की नजर इस स्टॉक पर टिक गई है। मोतीलाल ओसवाल ने Groww के शेयरों को लेकर साफ तौर पर सकारात्मक रुख अपनाया है।
ब्रोकरेज ने इस स्टॉक पर ‘बाय’ रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस 185 रुपये तय किया है। मौजूदा समय में Groww के शेयर करीब 155.90 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं, ऐसे में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि निकट भविष्य में इसमें करीब 19 प्रतिशत तक की बढ़त देखने को मिल सकती है।
Groww के शेयरों पर भरोसा
रिपोर्ट में सिर्फ शॉर्ट टर्म नहीं, बल्कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए भी संकेत दिए गए हैं। मोतीलाल ओसवाल ने अपने बुल केस सीनारियो में वित्त वर्ष 2028 तक Groww के शेयरों का टारगेट 260 रुपये रखा है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो मौजूदा स्तर से करीब 67 प्रतिशत तक की संभावित तेजी निवेशकों को आकर्षित कर सकती है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, Groww ने बेहद कम समय में खुद को भारत के सबसे बड़े रिटेल ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर स्थापित किया है। लॉन्च के सिर्फ चार साल के भीतर ही एक्टिव क्लाइंट्स के मामले में Groww ने बाजी मार ली है। नवंबर के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 26.8 प्रतिशत रही, जो दूसरे नंबर की कंपनी से करीब 9 प्रतिशत अधिक है।
भविष्य की रणनीति पर फोकस
मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि Groww की मजबूती सिर्फ इक्विटी ब्रोकिंग तक सीमित नहीं है। कंपनी कमोडिटीज, म्यूचुअल फंड और एसेट मैनेजमेंट जैसे सेगमेंट में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। इससे कंपनी के रेवेन्यू सोर्स मजबूत और विविध हो रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि Groww वैकल्पिक ग्रोथ मॉडल पर तेजी से काम कर रहा है। खास तौर पर कमोडिटी फ्रेंचाइज़, एमटीएफ (मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी) का विस्तार और वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस में एंट्री, कंपनी को पारंपरिक ब्रोकिंग पर निर्भरता से बाहर निकाल सकती है।
निवेशकों को मिला फायदा
Groww के शेयर पहले ही निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे चुके हैं। 112 रुपये पर लिस्ट होने के बाद इस शेयर ने 193.80 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ था। अब मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के बाद एक बार फिर उम्मीद जगी है कि यह स्टॉक आने वाले वर्षों में निवेशकों की झोली भर सकता है।
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