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CBSE Revaluation 2026: छात्रों को मिली राहत, आंसर शीट वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन की बढ़ी तारीख

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CBSE Revaluation 2026 : सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणाम के बाद चल रहे विवादों और छात्रों की शिकायतों के बीच बोर्ड ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। आंसर शीट वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि को एक दिन बढ़ाते हुए अब 7 जून तक कर दिया गया है। पहले यह प्रक्रिया 6 जून को समाप्त होने वाली थी, लेकिन पोर्टल पर तकनीकी समस्याओं और छात्रों की मांग को देखते हुए बोर्ड ने यह राहत दी है। बोर्ड ने पोस्ट-रिजल्ट सेवाओं के लिए 2 जून को ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया था। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने आवेदन की समय सीमा बढ़ाने का फैसला लिया, ताकि कोई भी छात्र तकनीकी कारणों से अपने अधिकार से वंचित न रह जाए।

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पोर्टल खुलते ही बड़ी संख्या में छात्रों ने आंसर शीट देखने, अंकों के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के आवेदन में दिक्कतों की शिकायत की। कई विद्यार्थियों ने बताया कि वेबसाइट धीमी चल रही थी, जबकि कुछ को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी का सामना करना पड़ा।

CBSE Revaluation 2026

सीबीएसई के आंकड़ों के अनुसार 4 जून तक पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल पर कुल 70,433 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें 7,314 आवेदन अंकों के सत्यापन (Verification) के लिए जबकि 63,119 आवेदन री-इवैल्यूएशन के लिए दर्ज किए गए। आंकड़े बताते हैं कि इस बार बड़ी संख्या में छात्र अपने प्राप्त अंकों को लेकर संतुष्ट नहीं हैं और पुनर्मूल्यांकन के जरिए अपने परिणाम की दोबारा जांच करवाना चाहते हैं।

साइबर हमलों से जूझता रहा बोर्ड का पोर्टल

री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के दौरान बोर्ड को साइबर हमलों का भी सामना करना पड़ा। सीबीएसई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराते हुए जांच शुरू कराई है। बोर्ड के अनुसार, पोर्टल शुरू होने के कुछ ही समय बाद वेबसाइट पर ‘डिनायल ऑफ सर्विस’ (DoS) हमला किया गया, जिसके चलते कुछ मिनटों में लाखों हिट्स दर्ज हुईं। इसके अलावा, अनधिकृत तरीके से फाइलों तक पहुंचने की भी कोशिशें की गईं। हालांकि बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अब तक किसी भी छात्र के डेटा के लीक होने या अनधिकृत एक्सेस का कोई मामला सामने नहीं आया है।

लगातार विवादों में रहा CBSE

इस वर्ष सीबीएसई ने पहली बार ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम लागू किया था, जिसके तहत उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन किया गया। परिणाम घोषित होने के बाद कई छात्रों ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। कुछ विद्यार्थियों ने उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग और जांच में त्रुटियों का आरोप लगाया। एक छात्र को गलत उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराने की घटना ने भी विवाद को और बढ़ा दिया। इसके बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए और बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों में प्रशासनिक बदलाव भी किए गए। जिन विद्यार्थियों ने अभी तक वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन नहीं किया है, वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। बोर्ड ने साफ किया है कि 7 जून के बाद किसी भी प्रकार का नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे में इच्छुक छात्रों के लिए यह अंतिम अवसर माना जा रहा है।

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