Canwiz Industries Scam : बरेली में निवेशकों से करोड़ों रुपये की कथित ठगी के मामले में कैनविज इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कन्हैया लाल गुलाटी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। लंबे समय से फरार चल रहे गुलाटी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। पुलिस पिछले करीब एक वर्ष से उसकी तलाश कर रही है, लेकिन अब तक वह गिरफ्त से बाहर है।
जांच एजेंसियों के अनुसार कन्हैया लाल गुलाटी ने निवेशकों को आकर्षक रिटर्न और कम समय में धनराशि दोगुनी होने का भरोसा देकर बड़ी संख्या में लोगों से निवेश कराया। इसके अलावा प्लॉट उपलब्ध कराने के नाम पर भी रकम जमा कराई गई। आरोप है कि पैसा लेने के बाद कंपनी और उसका प्रबंधन निवेशकों की पहुंच से दूर हो गया।
Canwiz Industries Scam
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि कंपनी ने देशभर के करीब दो लाख लोगों से 800 करोड़ रुपये से अधिक की रकम एकत्र की। निवेशकों का आरोप है कि न तो उन्हें वादा किया गया लाभ मिला और न ही उनकी मूल धनराशि वापस की गई। कई पीड़ित वर्षों से अपनी जमा पूंजी वापस पाने के लिए पुलिस और अदालतों के चक्कर काट रहे हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक कन्हैया लाल गुलाटी के खिलाफ केवल बरेली जिले में ही 60 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा उत्तराखंड, झारखंड और अन्य राज्यों में भी धोखाधड़ी से जुड़े कई मामले दर्ज किए गए हैं। विभिन्न राज्यों की पुलिस भी उसकी तलाश में जुटी हुई है।
बारादरी थाने में दर्ज हुए अहम मामले
दिसंबर 2025 में बरेली और शाहजहांपुर के दो निवेशकों ने प्लॉट दिलाने के नाम पर रकम हड़पने का आरोप लगाते हुए बारादरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि धनराशि लेने के बावजूद न तो प्लॉट उपलब्ध कराया गया और न ही रकम लौटाई गई। विरोध करने पर धमकाने के आरोप भी लगाए गए।
आरोपी के खिलाफ अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी हो चुका है। लगातार अनुपस्थित रहने और अदालत में पेश न होने के कारण कानूनी शिकंजा और कसता जा रहा है। पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी कर रखा है ताकि वह देश छोड़कर फरार न हो सके। विभिन्न राज्यों में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
गिरफ्तारी का इंतजार कर रहे हजारों पीड़ित
हजारों निवेशकों की निगाहें अब पुलिस कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने अपनी जीवनभर की बचत कंपनी में निवेश की थी। ऐसे में आरोपी की गिरफ्तारी और निवेश की गई रकम की रिकवरी ही उनके लिए सबसे बड़ी उम्मीद बनी हुई है। पुलिस का दावा है कि तकनीकी और कानूनी संसाधनों की मदद से जल्द ही आरोपी तक पहुंचने की कोशिश जारी है।
Read More : Lucknow Coaching Fire: बायोमेट्रिक गेट बना मौत का जाल, एक ही रास्ते ने ले ली 15 छात्रों की जान




