Atal Bihari Vajpayee 101th Jayanti : देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जन्म जयंती आज पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है। 25 दिसंबर को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाने वाला यह दिन एक बार फिर अटल के विचारों, उनकी राजनीति और उनके व्यक्तित्व को याद करने का अवसर बन गया। इसी मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अटल से जुड़ी कुछ ऐसी यादें शेयक की हा, जिसमे सभा में मौजूद लोगों को मुस्कुराने के साथ-साथ सोचने पर भी मजबूर कर दिया।
एक कार्यक्रम के दौरान राजनाथ सिंह ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी के पाकिस्तान दौरे के समय एक महिला उनके भाषण से इतनी प्रभावित हो गई कि उसने मजाकिया लहजे में उनसे शादी का प्रस्ताव रख दिया।
Atal Bihari Vajpayee ने दिया ऐसा जवाब
इस बात को आगे बढ़ाते हुए आगे राजनाथ सिंह ने बताया कि महिला ने कहा कि अगर अटल उनसे शादी कर लें तो बदले में कश्मीर दे दिया जाएगा। यह सुनकर सभा में सन्नाटा भी रहा और उत्सुकता भी। राजनाथ सिंह के मुताबिक, अटल बिहारी वाजपेयी ने इस प्रस्ताव पर बिना किसी तल्खी के अपने खास अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मैं शादी के लिए तैयार हूं, लेकिन दहेज में पूरा पाकिस्तान चाहिए।” यह जवाब सुनते ही माहौल हल्का हो गया। सिंह ने कहा कि अटल का सेंस ऑफ ह्यूमर ऐसा था।
एक और किस्सा
रक्षा मंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वे विरोधियों पर कटाक्ष जरूर करते थे, लेकिन कभी भाषा की मर्यादा नहीं तोड़ते थे। उन्होंने याद दिलाया कि अटल की राजनीति में व्यंग्य होता था, कटुता नहीं। यही वजह थी कि विरोधी भी उनके व्यक्तित्व का सम्मान करते थे। इसके अलावा, राजनाथ सिंह ने हिमाचल प्रदेश की एक सभा का किस्सा भी शेयर किया। उस समय मंच पर वीरभद्र सिंह मौजूद थे। अटल ने मुस्कुराते हुए कहा था कि यहां के मंत्री “भद्र” तो हैं, लेकिन “वीर” नहीं हैं। इस एक वाक्य में हास्य भी था और राजनीतिक संदेश भी, जिसे लोग आज तक याद करते हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर आज दिल्ली में उनके स्मृति स्थल ‘सदैव अटल’ जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने का सौभाग्य मिला। जनसेवा और राष्ट्रसेवा को समर्पित उनका जीवन देशवासियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा। pic.twitter.com/ttQvNyrxGW
— Narendra Modi (@narendramodi) December 25, 2025
बीजेपी विस्तार
साल 1994 की एक रैली का जिक्र करते हुए सिंह ने बताया कि जब भाजपा का तेजी से विस्तार हो रहा था, तब अटल ने इसे कविता के रूप में समझाया। उन्होंने कहा था कि जैसे सुंदर और बड़ी आंखें देखकर खुशी होती है, वैसे ही अपने परिवार को बढ़ते देखकर भी आनंद मिलता है। अटल बिहारी वाजपेयी 1991 से 2009 तक लगातार लखनऊ से लोकसभा सांसद रहे। इस दौरान उन्होंने संसद में भाषण को विचार और संवेदना का माध्यम बनाया। राजनाथ सिंह ने कहा कि अटल हमेशा यह मानते थे कि ऊंचाई पर पहुंचने का मतलब अकेला हो जाना नहीं है। उनकी कविता ‘ऊंचाई’ इसी सोच को बयां करती है।
पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर उन्हें स्मरण करते हुए नमन करता हूँ। उनका जीवन राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और सुशासन की श्रेष्ठ परंपराओं का प्रतीक रहा।
अटलजी के दूरदर्शी नेतृत्व ने जवाबदेही, पारदर्शिता और समावेशी विकास पर आधारित सुशासन की ऐसी…
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) December 25, 2025
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