Janmashtami 2026 : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने समाजसेवियों और व्यापारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया कि इस वर्ष जन्माष्टमी के दौरान लगने वाले सभी भंडारों और प्याऊ का संचालन निर्धारित नियमों के तहत होगा। आयोजन करने वाले सभी लोगों को 25 अगस्त तक नगर निगम से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
भूतेश्वर स्थित नगर निगम कार्यालय में आयोजित बैठक में करीब 30 समाजसेवी और व्यापारी शामिल हुए। बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी भंडारों में एकरूपता बनाए रखने के लिए टेंट और बैनरों का डिजाइन, रंग और आकार नगर निगम तय करेगा।
Janmashtami 2026
प्रत्येक बैनर पर “हम सबने ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है” स्लोगन लिखना अनिवार्य होगा। बैठक में उद्योगपति प्रमोद गर्ग कसेरे, राजेश बजाज समेत अन्य लोग भी मौजूद रहे। नगर निगम ने आयोजन के लिए पंजीकरण शुल्क भी तय कर दिया है। पानी या शरबत की प्याऊ लगाने के लिए 250 रुपये और पूड़ी-सब्जी के भंडारे के लिए 1,100 रुपये शुल्क देना होगा। निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने पर न्यूनतम एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
नहीं मिलेगी अनुमति
नगर निगम के निर्देशों के अनुसार श्रीकृष्ण जन्मभूमि के 800 मीटर के दायरे, मसानी-भूतेश्वर मार्ग और पोतरा कुंड फ्लाईओवर से एनएच-2 तक प्याऊ या शरबत वितरण की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसका उद्देश्य भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है। जन्माष्टमी के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक, पॉलीथीन, थर्माकोल और प्लास्टिक के गिलास के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी। प्रत्येक आयोजन स्थल पर 500-500 लीटर क्षमता के दो डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा। साथ ही आयोजक का
नाम, मोबाइल नंबर और ‘प्लास्टिक मुक्त भंडारा’ का बोर्ड भी प्रमुख स्थान पर लगाना होगा।
जिम्मेदारी आयोजकों की
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि आयोजन स्थल की साफ-सफाई, पेयजल, बिजली और सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संबंधित आयोजकों की होगी। निगम का उद्देश्य इस बार जन्माष्टमी महोत्सव को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से आयोजित करना है।
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