Aligarh Railway : उत्तर मध्य रेलवे की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक 10 जुलाई को प्रयागराज में आयोजित हुई, जिसमें अलीगढ़ से जुड़े रेल विकास और यात्री सुविधाओं के कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम ने जिले की जरूरतों को सामने रखते हुए 12 प्रमुख प्रस्ताव रखे। बैठक में रेलवे अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी और कई मामलों में रेलवे बोर्ड स्तर पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसी दौरान दाऊद खां रेलवे स्टेशन का नाम बदलने का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड को भेजे जाने की जानकारी सामने आई।
सांसद ने अलीगढ़-जलेसर-हाथरस रेल लाइन परियोजना को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने की मांग की। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना की रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी जा चुकी है और 12 जून को संबंधित नोटशीट भी जारी की गई थी।
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यदि प्रक्रिया तय समय पर पूरी हुई तो अगस्त तक आगे की कार्रवाई संभव है। वहीं महावीर नगर स्थित रेलवे फाटक संख्या-110 पर ओवरब्रिज निर्माण के संबंध में रेलवे ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। बैठक में अलीगढ़-बरेली पैसेंजर ट्रेन (54352/54353) को अलीगढ़ स्टेशन से संचालित करने की मांग भी उठाई गई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा समय में लाइन इंटरलॉकिंग और संचालन से जुड़ी तकनीकी बाधाओं के कारण यह संभव नहीं है।
टूंडला-आगरा ईएमयू सेवा के संबंध में जानकारी दी गई कि ट्रेन संख्या 64167/64168 का विस्तार आगरा सिटी स्टेशन तक कर दिया गया है। सांसद ने वंदे भारत एक्सप्रेस का अलीगढ़ और कानपुर स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया, जिस पर रेलवे ने प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजने की बात कही।
इन परियोजनाओं पर चर्चा
बैठक के दौरान कोविड काल में बंद हुई हरिद्वार-बांद्रा एक्सप्रेस को फिर से शुरू करने, आगरा बाईपास रेल लाइन परियोजना को गति देने, बरछी बहादुर क्षेत्र में रेलवे भूमि से अवैध कब्जे हटाने, रेलवे कॉलोनियों के रखरखाव, महिला शौचालयों की व्यवस्था और मेरठ-खुर्जा-अलीगढ़ नई मेमू सेवा शुरू करने जैसे मुद्दे भी उठाए गए। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि आगरा बाईपास परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण सहित आवश्यक प्रक्रियाएं जारी हैं। रेलवे भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है और कॉलोनियों के रखरखाव के लिए बजट भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
कार्रवाई का भरोसा
रेलवे प्रशासन ने बैठक में आश्वस्त किया कि जनहित से जुड़े सभी प्रस्तावों पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। जिन मामलों में रेलवे बोर्ड की मंजूरी आवश्यक होगी, उन्हें शीघ्र बोर्ड के समक्ष भेजा जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और रेल ढांचे को मजबूत करने के लिए सभी व्यवहारिक प्रस्तावों पर गंभीरता से काम किया जा रहा है।
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