AIIMS Gorakhpur : गोरखपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने शनिवार को अपना सातवां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में संस्थान के अध्यक्ष पद्मश्री प्रो. डॉ. हेमंत कुमार और कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता ने बीते सात वर्षों की उपलब्धियों, मरीजों को मिल रही सुविधाओं और आने वाले समय की योजनाओं की जानकारी साझा की।
प्रो. डॉ. हेमंत कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप नए एम्स संस्थानों की स्थापना का उद्देश्य देशभर में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना है। एम्स गोरखपुर इसी लक्ष्य के तहत पूर्वांचल, बिहार के सीमावर्ती जिलों और नेपाल से आने वाले मरीजों को आधुनिक तृतीयक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।
AIIMS Gorakhpur
उन्होंने बताया कि संस्थान का फोकस उपचार, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान इन तीनों क्षेत्रों में लगातार प्रगति करना है। संस्थान के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में ओपीडी सेवाओं का लाभ लेने वाले मरीजों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में करीब 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन लगभग 5,000 मरीज इलाज के लिए एम्स पहुंच रहे हैं। इसे संस्थान के प्रति लोगों के बढ़ते भरोसे का संकेत बताया गया।
सामान्य इलाज पर भी जोर
एम्स प्रशासन का कहना है कि संस्थान केवल सुपर स्पेशियलिटी उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि प्राथमिक और द्वितीयक स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध करा रहा है, ताकि किसी भी मरीज को इलाज से वंचित न रहना पड़े। अस्पताल में बेड ऑक्यूपेंसी करीब 85 प्रतिशत है, जबकि आपातकालीन मरीजों के लिए पर्याप्त बेड सुरक्षित रखे जाते हैं। साथ ही ऑपरेशन की प्रतीक्षा अवधि कम करने के लिए सभी सर्जरी विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
रोबोटिक सर्जरी की तैयारी
एम्स गोरखपुर ने आने वाले महीनों के लिए कई नई स्वास्थ्य सुविधाओं का रोडमैप भी तैयार किया है। संस्थान का लक्ष्य सितंबर तक कैथ लैब शुरू करने का है। इसी अवधि में रोबोटिक सर्जरी सेवा शुरू करने की तैयारी भी चल रही है। इसके अलावा आईवीएफ सेंटर स्थापित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है, जिससे मरीजों को उन्नत उपचार सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने कहा कि मरीजों को बेहतर और अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराना संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में एम्स गोरखपुर में आधुनिक चिकित्सा सेवाओं का दायरा और व्यापक किया जाएगा, जिससे पूर्वांचल के साथ-साथ बिहार और नेपाल से आने वाले मरीजों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
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