Agra News : ताजमहल के शहर आगरा में बन रहा छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम अब तेजी से आकार ले रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को तय समय पर पूरा करने के लिए निर्माण कार्य की रफ्तार बढ़ा दी है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ही संग्रहालय आम लोगों के लिए खोल दिया जाए। इसके लिए दिसंबर तक भवन निर्माण और प्रमुख आंतरिक कार्य पूरे करने की तैयारी चल रही है।
हाल ही में लखनऊ में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की पर्यटन परियोजनाओं की समीक्षा की। इसी दौरान आगरा में बन रहे छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।
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बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के महान राष्ट्रनायकों की प्रेरणादायक गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि संग्रहालय को आधुनिक तकनीकों से लैस किया जाए ताकि आगंतुकों को इतिहास को जीवंत रूप में देखने और समझने का अवसर मिल सके। संग्रहालय की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सात थीम आधारित गैलरियां होंगी। इन गैलरियों में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, स्वराज्य की स्थापना, आगरा यात्रा, औरंगजेब के दरबार में उनकी उपस्थिति, आगरा से ऐतिहासिक पलायन, राज्याभिषेक और उनके सैन्य नेतृत्व को आधुनिक प्रस्तुति के साथ प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा ब्रज क्षेत्र, उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक अस्त्र-शस्त्रों से जुड़ी विशेष प्रदर्शनी भी विकसित की जा रही है।
AI और डिजिटल तकनीक से मिलेगा नया अनुभव
यह म्यूजियम पारंपरिक संग्रहालयों से अलग होगा। यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल प्रोजेक्शन, इंटरैक्टिव डिस्प्ले और मल्टीमीडिया तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल ऐतिहासिक वस्तुओं को प्रदर्शित करना नहीं बल्कि आगंतुकों को उस दौर का अनुभव कराना है। पर्यटन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक तकनीक के कारण यह संग्रहालय देश-विदेश के पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन सकता है। म्यूजियम का निर्माण शिल्पग्राम के निकट लगभग 5.9 एकड़ क्षेत्र में किया जा रहा है। वर्तमान में भवन के अंदर फ्लोरिंग, विद्युत फिटिंग, लिफ्ट स्थापना और अन्य तकनीकी कार्य तेजी से जारी हैं। निर्माण एजेंसी को निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी प्रमुख कार्य पूरे करने का लक्ष्य दिया गया है। हाल ही में गैलरियों के विकास और संग्रहालय के इंटीरियर कार्यों के लिए अतिरिक्त वित्तीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है।
मुगल म्यूजियम से शिवाजी म्यूजियम तक का सफर
इस परियोजना की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी, जब तत्कालीन सरकार ने इसे मुगल म्यूजियम के रूप में शुरू किया था। बाद में वर्ष 2020 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम करने का निर्णय लिया।
परियोजना की प्रारंभिक लागत करीब 142 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन समय के साथ इसमें संशोधन हुआ और अब इसकी अनुमानित लागत लगभग 199 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। ताजमहल के अलावा आगरा में एक और बड़ा पर्यटन केंद्र विकसित करने की दिशा में इस संग्रहालय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि यह परियोजना न केवल ऐतिहासिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाएगी, बल्कि आगरा के पर्यटन उद्योग को भी नई ऊर्जा देगी। दिसंबर तक निर्माण पूरा होने के बाद यह संग्रहालय इतिहास, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम बनकर सामने आएगा।




