IND vs NZ : क्रिकेट में अच्छी बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ मजबूत फील्डिंग भी जीत के लिए बेहद जरूरी होती है। कई बार एक आसान कैच छूटने से पूरा मुकाबला हाथ से निकल जाता है। भारतीय टीम के साथ भी पिछले कुछ समय से फील्डिंग को लेकर ऐसी परेशानियां देखने को मिल रही हैं। अब वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज खत्म होने के बाद टीम इंडिया न्यूजीलैंड दौरे पर जाएगी, जहां ठंडा मौसम और तेज हवाएं उसकी मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। इस चुनौती को लेकर भारत के पूर्व फील्डिंग कोच आर. श्रीधर ने भी खिलाड़ियों को सावधान किया है।
बता दें कि भारतीय टीम 22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच टी20, पांच वनडे और दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी। बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ इस दौरे पर फील्डिंग भी काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है।
IND vs NZ
न्यूजीलैंड में अक्टूबर और नवंबर के दौरान वसंत का मौसम रहता है। इस समय कई इलाकों में ठंडी हवाएं चलती हैं और मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे हालात में ऊंचे कैच पकड़ना और गेंद का सही अनुमान लगाना आसान नहीं होगा। सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय टीम का पिछले 50 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में फील्डिंग प्रदर्शन चिंता बढ़ाने वाला रहा है। इस दौरान खिलाड़ियों ने 79 कैच छोड़े, जबकि 168 बार मिसफील्डिंग की। इसके अलावा रन आउट के 95 मौके भी हाथ से निकल गए। इन आंकड़ों से साफ है कि टीम को न्यूजीलैंड दौरे से पहले फील्डिंग में सुधार करने की जरूरत है।
28 कैच छोड़ चुकी है टीम
रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 के बाद भारतीय टीम ने अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 28 कैच छोड़े हैं। इनमें अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट और वनडे, आयरलैंड तथा इंग्लैंड के खिलाफ टी20 मुकाबले और जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज शामिल हैं। इस अवधि में भारत की कैच पकड़ने की क्षमता 76.8 प्रतिशत बताई गई है। भारतीय टीम को पिछले कुछ बड़े टूर्नामेंट में भी कैच छोड़ने की समस्या का सामना करना पड़ा है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 2026 टी20 विश्व कप में भारत ने 13 कैच छोड़े थे और उसकी कैच पकड़ने की क्षमता 71.7 प्रतिशत रही थी। वहीं, 2025 एशिया कप के दौरान भी कई महत्वपूर्ण मौके हाथ से निकले थे। पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में चार कैच छूटे, जबकि बांग्लादेश के बल्लेबाज सैफ हसन को भी कई बार जीवनदान मिला था।
| फील्डिंग में गलतियां | संख्या |
|---|---|
| छोड़े गए कैच | 79 |
| मिसफील्डिंग | 168 |
| रन आउट के चूके मौके | 95 |
| ओवरथ्रो | 10 |
| स्टंप पर निशाना चूकना | 4 |
पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में भी भारतीय फील्डिंग सवालों के घेरे में रही थी। रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने इस दौरान 23 कैच छोड़े थे। टीम की कैच पकड़ने की क्षमता 66.2 प्रतिशत बताई गई, जबकि इंग्लैंड का आंकड़ा 78.5 प्रतिशत रहा। ऐसे प्रदर्शन के बाद न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में फील्डिंग को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
खिलाड़ियों को किया आगाह
भारत के पूर्व फील्डिंग कोच आर. श्रीधर ने न्यूजीलैंड दौरे को लेकर कहा कि खिलाड़ियों को वहां के मौसम के अनुसार खुद को तैयार करना होगा। उनके मुताबिक, भारत में गर्म परिस्थितियों में खेलने के बाद न्यूजीलैंड की ठंड और तेज हवाओं में उतरना आसान नहीं होगा। इसका असर केवल फील्डरों पर ही नहीं, बल्कि बल्लेबाजों और गेंदबाजों पर भी पड़ सकता है। उन्होंने खिलाड़ियों को बदलती परिस्थितियों के अनुसार अपनी तैयारी करने की सलाह दी। न्यूजीलैंड का वेलिंगटन शहर तेज हवाओं के लिए जाना जाता है।
| विरोधी टीम और सीरीज | छोड़े गए कैच |
|---|---|
| अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट | 4 |
| अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे | 1 |
| आयरलैंड के खिलाफ टी20 | 6 |
| इंग्लैंड के खिलाफ टी20 | 5 |
| इंग्लैंड के खिलाफ वनडे | 2 |
| जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 | 10 |
| कुल | 28 |
यहां हवा के कारण ऊंची उठी गेंद की दिशा बदल सकती है, जिससे कैच पकड़ने वाले खिलाड़ी को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है। दूसरी ओर क्राइस्टचर्च में सुबह और शाम के समय ठंड अधिक महसूस हो सकती है। ऐसे में फील्डरों के लिए हाथों को गर्म रखना और हर गेंद के लिए तैयार रहना महत्वपूर्ण होगा।
22 अक्टूबर से शुरू होगी टी20 सीरीज
भारत के न्यूजीलैंड दौरे की शुरुआत पांच मैचों की टी20 सीरीज से होगी। पहला मुकाबला 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा। इसके बाद वनडे सीरीज 4 नवंबर से शुरू होगी, जबकि 19 नवंबर से दोनों टीमों के बीच टेस्ट मुकाबले खेले जाएंगे।
टी20 सीरीज का शेड्यूल
| मैच | तारीख | स्थान |
|---|---|---|
| पहला टी20 | 22 अक्टूबर 2026 | हैगले ओवल, क्राइस्टचर्च |
| दूसरा टी20 | 24 अक्टूबर 2026 | हैगले ओवल, क्राइस्टचर्च |
| तीसरा टी20 | 27 अक्टूबर 2026 | वेलिंगटन |
| चौथा टी20 | 30 अक्टूबर 2026 | ईडन पार्क, ऑकलैंड |
| पांचवां टी20 | 1 नवंबर 2026 | सेडन पार्क, हैमिल्टन |
वनडे सीरीज का शेड्यूल
| मैच | तारीख | स्थान |
|---|---|---|
| पहला वनडे | 4 नवंबर 2026 | ईडन पार्क, ऑकलैंड |
| दूसरा वनडे | 7 नवंबर 2026 | स्काई स्टेडियम, वेलिंगटन |
| तीसरा वनडे | 10 नवंबर 2026 | सेडन पार्क, हैमिल्टन |
| चौथा वनडे | 13 नवंबर 2026 | बे ओवल, माउंट माउंगानुई |
| पांचवां वनडे | 15 नवंबर 2026 | बे ओवल, माउंट माउंगानुई |
टेस्ट सीरीज का शेड्यूल
| मैच | तारीख | स्थान |
|---|---|---|
| पहला टेस्ट | 19 से 23 नवंबर 2026 | बेसिन रिजर्व, वेलिंगटन |
| दूसरा टेस्ट | 27 नवंबर से 1 दिसंबर 2026 | हैगले ओवल, क्राइस्टचर्च |
भारतीय टीम के सामने न्यूजीलैंड दौरे पर केवल मजबूत विपक्षी टीम की चुनौती नहीं होगी, बल्कि वहां की परिस्थितियों से तालमेल बैठाना भी जरूरी होगा। खासकर ऊंचे कैच, तेज थ्रो और रन आउट के मौकों पर खिलाड़ियों को अतिरिक्त ध्यान देना पड़ेगा। अगर भारत अपनी फील्डिंग की गलतियों को कम करने में सफल रहता है, तो टीम को कठिन मुकाबलों में इसका फायदा मिल सकता है।




