Shubman Gill : वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज की शुरुआत जीत के साथ करने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने विश्व कप 2027 को लेकर टीम की रणनीति सामने रखी है। उन्होंने साफ किया कि आने वाले मुकाबलों में भारतीय टीम ऐसे खिलाड़ियों को मौका देना चाहती है, जो बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी योगदान दे सकें। खासतौर पर आठवें नंबर पर उतरने वाले खिलाड़ी की भूमिका अहम रहने वाली है। भारत ने पहले वनडे में वेस्टइंडीज को आठ विकेट से हराया। विराट कोहली के 55वें वनडे शतक और गिल की कप्तानी पारी की बदौलत टीम ने 296 रन का लक्ष्य 56 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया।
मैच के बाद शुभमन गिल ने भारतीय टीम के संभावित प्लेइंग इलेवन कॉम्बिनेशन को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि टीम मैनेजमेंट आठवें नंबर तक ऐसे बल्लेबाज चाहता है, जो जरूरत पड़ने पर 25 से 30 रन का योगदान दे सके।
Shubman Gill
गिल के मुताबिक, कई बार भारतीय टीम पांच विकेट पर 250 रन जैसी मजबूत स्थिति में पहुंचने के बावजूद आखिरी ओवरों में उम्मीद के मुताबिक स्कोर नहीं बना पाती। इसी कमी को दूर करने के लिए निचले क्रम में बल्लेबाजी की गहराई बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। भारतीय कप्तान ने संकेत दिए कि विश्व कप 2027 से पहले टीम किसी एक कॉम्बिनेशन पर निर्भर नहीं रहना चाहती। आने वाली सीरीज में अलग-अलग खिलाड़ियों को मौका देकर उनकी उपयोगिता परखी जाएगी।
टीम मैनेजमेंट की कोशिश ऐसे खिलाड़ियों को तैयार करने की है, जो मुश्किल परिस्थितियों में बल्लेबाजी संभालने के साथ गेंदबाजी में भी उपयोगी साबित हों। इससे भारतीय टीम को मुकाबले के दौरान अतिरिक्त विकल्प मिल सकेंगे।
नमन धीर को नई जिम्मेदारी
वेस्टइंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में खेले गए पहले वनडे में युवा खिलाड़ी नमन धीर को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने का मौका मिला। उन्हें बल्लेबाजी क्रम में आठवें स्थान के लिए चुना गया था। नमन बल्लेबाजी के अलावा ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी कर सकते हैं। पहले वनडे में उन्होंने पांच ओवर गेंदबाजी की और 33 रन खर्च किए। हालांकि, उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। उनके टीम में शामिल होने से भारत को एक अतिरिक्त स्पिन गेंदबाजी विकल्प भी मिला।
नीतीश को मौका
हार्दिक पंड्या के पूरी तरह फिट नहीं होने के कारण भारतीय टीम ने तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप में नीतीश कुमार रेड्डी को मौका दिया। पहले वनडे में नीतीश ने नई गेंद से गेंदबाजी की जिम्मेदारी भी संभाली। उन्होंने पांच ओवर में 45 रन देकर एक विकेट हासिल किया। वहीं, रवींद्र जडेजा स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर की भूमिका में नजर आए। इस कॉम्बिनेशन के चलते भारत के पास गेंदबाजी के छह विकल्प उपलब्ध रहे। विश्व कप 2027 को ध्यान में रखते हुए भारतीय टीम बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बीच बेहतर संतुलन बनाने पर जोर दे रही है। आठवें नंबर तक बल्लेबाजी उपलब्ध होने से टीम को आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाने और शुरुआती विकेट गिरने पर पारी संभालने में मदद मिल सकती है।
शुभमन गिल के बयान से संकेत मिलता है कि आने वाले मुकाबलों में ऑलराउंड प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है। हालांकि, विश्व कप के लिए अंतिम प्लेइंग इलेवन अभी तय नहीं हुई है। टीम मैनेजमेंट अलग-अलग संयोजन आजमाने के बाद ही अपनी रणनीति को अंतिम रूप देगा।
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