Travel Guide : छत्तीसगढ़ का नाम आते ही घने जंगल, झरने और आदिवासी संस्कृति की तस्वीर सामने आती है। इसी राज्य में एक ऐसी जगह भी है, जहां पहुंचकर कुछ पल के लिए हिमाचल या तिब्बत में होने का एहसास हो सकता है। सरगुजा जिले की पहाड़ियों में बसा मैनपाट ऐसा ही खूबसूरत ठिकाना है। ठंडा मौसम, हरियाली, झरने और तिब्बती संस्कृति के कारण इसे ‘छत्तीसगढ़ का शिमला’ और ‘छोटा तिब्बत’ भी कहा जाता है। मैनपाट को ‘छोटा तिब्बत’ कहे जाने के पीछे दशकों पुरानी कहानी है। साल 1959 के बाद तिब्बत से बड़ी संख्या में शरणार्थी भारत पहुंचे थे।
बाद के वर्षों में इनमें से कई तिब्बती परिवारों को मैनपाट में बसाया गया। समय के साथ समुदाय ने यहां अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखा। इसी वजह से आज मैनपाट में तिब्बती मठ, प्रार्थना के रंगीन झंडे और पारंपरिक खान-पान इसकी अलग पहचान बन चुके हैं।
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मैनपाट घूमने पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए सबसे दिलचस्प जगहों में उल्टा पानी शामिल है। बिसरपानी गांव के पास मौजूद इस स्थान पर पानी की धारा ढलान के विपरीत दिशा में जाती हुई दिखाई देती है। पहली नजर में यह नजारा सामान्य नियमों के उलट लगता है और यही वजह है कि यहां आने वाले पर्यटक इसे देखने के लिए काफी उत्साहित रहते हैं। मैनपाट का जलजली इलाका भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। इसे ‘जंपिंग लैंड’ के नाम से भी जाना जाता है। यहां जमीन के एक हिस्से पर कूदने या दबाव डालने पर आसपास की सतह हिलती हुई महसूस होती है। जमीन की इसी खास बनावट के कारण लोगों को यहां किसी मुलायम गद्दे पर खड़े होने जैसा अनुभव होता है। परिवार और दोस्तों के साथ आने वाले पर्यटकों के लिए यह जगह खास आकर्षण बन जाती है।
प्रकृति का शानदार नजारा
अगर आपको पहाड़, जंगल और झरने पसंद हैं तो मैनपाट का टाइगर प्वाइंट ट्रिप को और खूबसूरत बना सकता है। यहां ऊंचाई से गिरता झरना और उसके चारों तरफ फैली हरियाली बेहद आकर्षक दिखाई देती है। बारिश के मौसम में इस इलाके की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। शांत वातावरण के कारण यहां कुछ समय बिताना शहरों की भागदौड़ से बिल्कुल अलग अनुभव देता है। मैनपाट की यात्रा यहां मौजूद तिब्बती बौद्ध मंदिरों को देखे बिना अधूरी मानी जा सकती है। शांत परिसर, पारंपरिक वास्तुकला और आसपास लगे प्रार्थना के झंडे इस जगह को अलग रंग देते हैं। यहां पहुंचकर पर्यटक मैनपाट में बसे तिब्बती समुदाय की संस्कृति को करीब से समझ सकते हैं। शोर से दूर कुछ सुकून भरे पल बिताने के लिए भी यह शानदार जगह है।
सुकून देता है यहां का मौसम
ऊंचाई पर बसे होने के कारण मैनपाट का मौसम छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों की तुलना में काफी सुहाना रहता है। खासतौर पर गर्मियों में जब आसपास के शहरों में तापमान बढ़ने लगता है, तब मैनपाट की ठंडी हवाएं राहत देती हैं। मानसून में हरियाली और झरनों का नजारा देखने लायक होता है, जबकि सर्दियों में यहां की सुबह और शाम काफी ठंडी हो जाती हैं। हर छुट्टी में मशहूर हिल स्टेशन की भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय अगर किसी अलग जगह को एक्सप्लोर करना चाहते हैं तो मैनपाट अच्छा विकल्प हो सकता है। यहां एक ही यात्रा में प्राकृतिक खूबसूरती, अनोखी जगहें और तिब्बती संस्कृति देखने को मिलती है। यही खूबियां छत्तीसगढ़ के इस शांत पहाड़ी इलाके को आम हिल स्टेशनों से अलग बनाती हैं।
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