CM Yadav : मध्य प्रदेश के चित्रकूट में लगातार हुई भारी बारिश के बाद अतिवृष्टि से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार सुबह चित्रकूट पहुंचकर प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानीं और जिला प्रशासन को राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। CM ने चित्रकूट के प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने के बाद नागरिकों से बातचीत की। उन्होंने बारिश और बाढ़ से पैदा हुई स्थिति की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री और जरूरी सुविधाएं जल्द पहुंचाई जाएं। उन्होंने कहा कि लोगों को परेशानी के बीच अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए और प्रशासन को मौके पर रहकर हालात पर नजर रखनी होगी।
CM Yadav
अतिवृष्टि से प्रभावित नागरिकों की मदद के लिए संबंधित अधिकारियों को तीन दिन तक चित्रकूट में ही रहकर राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन के अधिकारियों को प्रभावित इलाकों का लगातार दौरा करने और जरूरत पड़ने पर वहीं रात्रि विश्राम करने को कहा गया है। इसके साथ ही रेस्क्यू और राहत कार्यों के लिए एसडीआरएफ तथा एनडीआरएफ की मदद लेने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित सभी लोगों के लिए भोजन, कपड़े, साफ पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने को कहा है। रेस्क्यू किए गए ग्रामीणों तक भी भोजन और शुद्ध पानी पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को प्रभावित परिवारों के बीच सूखा राशन और अन्य जरूरी राहत सामग्री वितरित करने के लिए कहा गया है।
नुकसान का जल्द होगा आकलन
बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित लोगों को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6/4 के प्रावधानों के तहत अलग-अलग प्रकार के नुकसान के लिए निर्धारित सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। इससे प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता जल्द मिल सकेगी। CM ने प्रशासन को स्थानीय नागरिकों के साथ चित्रकूट आए श्रद्धालुओं की जरूरतों का भी ध्यान रखने को कहा है।
चित्रकूट में मंदाकिनी एवं सिंहावल नदी में आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और राहत शिविर और बस्तियों में लोगों का कुशलक्षेम जाना।
प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य निरंतर जारी हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अगले दो-तीन दिन तक यहीं… pic.twitter.com/qF0r3rXRMi
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) August 30, 2026
बारिश और बाढ़ के कारण यदि कोई श्रद्धालु प्रभावित या किसी तरह की परेशानी में है, तो उसे भी जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन को स्वैच्छिक संगठनों और अन्य सहयोगियों से मिलने वाली राहत सामग्री को भी जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
1 सितंबर तक स्कूल बंद
अतिवृष्टि को देखते हुए सतना जिले के सभी विद्यालयों में 31 अगस्त और 1 सितंबर को अवकाश घोषित किया गया है। जिला प्रशासन ने यह फैसला विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है। मुख्यमंत्री ने भी राहत कार्यों के साथ लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चित्रकूट के निरीक्षण के बाद निवाड़ी जिले के ओरछा में रहे। वहां से उन्होंने सतना जिला प्रशासन से राहत और बचाव कार्यों की लगातार जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहनी चाहिए।
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