Chhattisgarh Mining : छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के दोहन को गति देने के लिए आज नवा रायपुर में रोड शो आयोजित किया जा रहा है। मेफेयर लेक रिजॉर्ट में होने वाले इस कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी, खनन विशेषज्ञ तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे। भारत सरकार के खान मंत्रालय की ओर से क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी की 8वीं किश्त के तहत कुल 20 ब्लॉक्स को नीलामी के लिए रखा गया है।
इनमें तीन माइनिंग लीज और 17 कंपोजिट लाइसेंस ब्लॉक्स शामिल हैं। इन खनिज क्षेत्रों में ग्रेफाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, वैनेडियम, गैलियम, टाइटेनियम, मोलिब्डेनम और टंगस्टन जैसे महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं।
Chhattisgarh Mining
क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक मिनरल्स का इस्तेमाल आधुनिक तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक उत्पादन और कई रणनीतिक क्षेत्रों में होता है। ऐसे में इन संसाधनों की खोज और उत्पादन बढ़ाना देश की दीर्घकालिक जरूरतों से जुड़ा हुआ है। रोड शो के जरिए सरकार निवेशकों को छत्तीसगढ़ में मौजूद खनिज संभावनाओं और नीलामी प्रक्रिया की जानकारी देगी। कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र को तकनीक आधारित और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए टिन पोर्टल और ई-रेत सांगवारी पोर्टल का शुभारंभ किया जाएगा।
सीएमडीसी और इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच एमओयू का आदान-प्रदान होगा। कोरन्डम कटिंग एवं पॉलिशिंग प्रशिक्षण के लिए पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के साथ भी समझौता किया जाएगा।
NIT की प्रक्रिया
रोड शो में माइनर मिनरल्स पर तैयार पुस्तक का विमोचन भी प्रस्तावित है। इसके साथ ही तीन लाइमस्टोन माइनिंग लीज ब्लॉक्स के लिए नोटिस इनवाइटिंग टेंडर यानी एनआईटी जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार का उद्देश्य खनिज संसाधनों के साथ उनसे जुड़े उद्योग और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देना है। दोपहर दो बजे से तकनीकी सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें खनिज ब्लॉक्स की नीलामी, निवेश और खनिज अन्वेषण से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ प्रस्तुतीकरण देंगे। मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड की ओर से प्रस्तावित ब्लॉक्स की जानकारी दी जाएगी। एसबीआई कैप्स नीलामी प्रक्रिया और टेंडर दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी देगा, जबकि एमएसटीसी की ओर से ई-ऑक्शन प्रक्रिया समझाई जाएगी।
सवालों पर होगी चर्चा
तकनीकी प्रस्तुतियों के बाद ओपन हाउस डिस्कशन होगा। इसमें उद्योग प्रतिनिधि, निवेशक और खनन विशेषज्ञ नीलामी प्रक्रिया, खनिज संसाधनों की संभावनाओं और निवेश से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। कंपोजिट लाइसेंस धारकों के लिए अन्वेषण खर्च की आंशिक प्रतिपूर्ति से जुड़ी एनएमईडीटी योजना की जानकारी भी दी जाएगी। रोड शो के बाद प्रमुख खनिज ब्लॉक्स के ऑपरेशनलाइजेशन और उनकी प्रगति की समीक्षा के लिए बैठक होगी। इसमें खनन परियोजनाओं को जल्द शुरू करने और केंद्र-राज्य स्तर पर जरूरी समन्वय को लेकर चर्चा की जाएगी। इसके बाद माइन विजिट भी प्रस्तावित है।
नए अवसर की उम्मीद
सरकार का मानना है कि क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक मिनरल्स के क्षेत्र में निवेश बढ़ने से छत्तीसगढ़ में खनन के साथ प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। केंद्र और राज्य सरकार के साथ उद्योग जगत के समन्वय से महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण, उत्पादन और उनसे जुड़े रोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।
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