Home » धर्म » September 2026: शुक्र से मंगल तक 4 ग्रहों की बदलेगी चाल, इन राशियों के खुल सकते हैं किस्मत के दरवाजे

September 2026: शुक्र से मंगल तक 4 ग्रहों की बदलेगी चाल, इन राशियों के खुल सकते हैं किस्मत के दरवाजे

September Rashi Parivartan

September Rashi Parivartan 2026 : ज्योतिष की दृष्टि से सितंबर का महीना काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस दौरान चार प्रमुख ग्रह बुध, सूर्य, मंगल और शुक्र राशि परिवर्तन करेंगे। वहीं शनि पूरे महीने मीन राशि में वक्री अवस्था में रहेंगे। इसके अलावा राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में स्थित रहेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ग्रहों की इन बदलती स्थितियों का प्रभाव लोगों के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर भी देखने को मिल सकता है। सुख-सुविधा, प्रेम, सौंदर्य और भौतिक सुखों के कारक माने जाने वाले शुक्र 2 सितंबर को तुला राशि में प्रवेश करेंगे।

September Rashi Parivartan

शुक्र का तुला राशि में जाना कई जातकों के लिए शुभ परिणाम लेकर आ सकता है। इस दौरान आर्थिक मामलों, रिश्तों और सुख-सुविधाओं से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव की संभावना जताई जा रही है। कुछ राशियों को धन और करियर से जुड़े मामलों में भी लाभ मिल सकता है।

September Rashi Parivartan

बुद्धि, वाणी, कारोबार और तर्क क्षमता के कारक ग्रह बुध सितंबर में दो बार राशि परिवर्तन करेंगे। पहला गोचर 7 सितंबर को होगा, जब बुध कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 26 सितंबर को बुध तुला राशि में पहुंच जाएंगे। बुध की इस दोहरी चाल का असर शिक्षा, व्यापार, नौकरी और संचार से जुड़े क्षेत्रों पर देखने को मिल सकता है। ग्रहों के राजा माने जाने वाले सूर्य 17 सितंबर को कन्या राशि में गोचर करेंगे।

सूर्य के राशि परिवर्तन के साथ प्रशासन, नेतृत्व और कार्यक्षेत्र से जुड़े मामलों में बदलाव की स्थिति बन सकती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस गोचर से कुछ राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है और कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां या अवसर मिल सकते हैं।

18 सितंबर को मंगल गोचर

साहस, ऊर्जा और पराक्रम के कारक मंगल 18 सितंबर को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल के इस परिवर्तन से लोगों के व्यवहार और ऊर्जा के स्तर पर असर पड़ने की संभावना है। कुछ जातकों के लिए यह समय उत्साह और नए प्रयासों के लिहाज से अच्छा रह सकता है। हालांकि, ज्योतिष में मंगल की स्थिति को देखते हुए जल्दबाजी और आवेश में निर्णय लेने से बचने की सलाह भी दी जाती है।

शनि रहेंगे वक्री

सितंबर के दौरान शनि मीन राशि में वक्री अवस्था में बने रहेंगे। ज्योतिष में शनि को कर्म, अनुशासन और न्याय से जोड़कर देखा जाता है। उनकी वक्री स्थिति के कारण लोगों को अपने पुराने फैसलों और लंबित कार्यों पर दोबारा विचार करने की परिस्थितियां बन सकती हैं। इस दौरान धैर्य और अनुशासन बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार सितंबर में ग्रहों की स्थिति में होने वाले बदलावों के दौरान देश के कुछ हिस्सों में तेज बारिश, बाढ़, भूस्खलन, तूफान और भूकंप जैसी प्राकृतिक घटनाओं की आशंका बन सकती है।

पहाड़ी क्षेत्रों में चट्टान खिसकने, सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने जैसी घटनाओं के साथ परिवहन से जुड़ी दुर्घटनाओं को लेकर भी उन्होंने संभावना जताई है। हालांकि ऐसी ज्योतिषीय भविष्यवाणियां वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित मौसम या आपदा पूर्वानुमान का विकल्प नहीं हैं।

बदलाव के संकेत

ज्योतिषाचार्य के मुताबिक ग्रहों की चाल का प्रभाव राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों पर भी पड़ सकता है। शासन-प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच टकराव बढ़ने के साथ राजनीतिक स्तर पर बड़े बदलाव की स्थिति बन सकती है। वहीं दूसरी ओर रोजगार के अवसर बढ़ने और आय में सुधार के संकेत भी बताए गए हैं। कारोबार और आर्थिक गतिविधियों में भी कुछ क्षेत्रों को लाभ मिलने की संभावना जताई गई है।

किस ग्रह की चाल कब बदलेगी?

सितंबर में ग्रहों के प्रमुख राशि परिवर्तन की तारीखों पर नजर डालें तो 2 सितंबर को शुक्र तुला में, 7 सितंबर को बुध कन्या में, 17 सितंबर को सूर्य कन्या में और 18 सितंबर को मंगल कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 26 सितंबर को बुध एक बार फिर राशि बदलकर तुला में पहुंचेंगे। इस तरह पूरे महीने ग्रहों की बदलती स्थिति ज्योतिष की दृष्टि से महत्वपूर्ण बनी रहेगी।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। Headlines India News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।)

Read More : Bahraich से वाराणसी तक आसान होगा सफर, CM योगी आज नई विद्युतीकृत रेल लाइन का करेंगे उद्घाटन

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Will the middle class get relief from the first general budget of Modi 3.0?