US-Canada Trade Tensions : अमेरिका (US) और कनाडा के बीच व्यापार को लेकर बढ़ा तनाव अब तीखे बयानों तक पहुंच गया है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिकी टैरिफ (US Tarrif) को अपने देश पर हमला बताते हुए कहा कि “हम जंग में हैं, क्योंकि हम पर हमला हुआ है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि कनाडा अमेरिकी दबाव में आकर ऐसी कोई व्यापारिक डील स्वीकार नहीं करेगा, जो उसके हितों या संप्रभुता को नुकसान पहुंचाए।
कार्नी के मुताबिक, अमेरिका ने ट्रेड बातचीत के अंतिम चरण में ऐसी शर्तें रखीं, जिन्हें कनाडा के लिए स्वीकार करना संभव नहीं था। दोनों देशों के अधिकारियों के बीच वॉशिंगटन डीसी में तीन दिनों तक बातचीत चली, लेकिन किसी समझौते पर सहमति नहीं बन सकी।
US-Canada Trade Tensions
बातचीत विफल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा से आने वाले करीब 20 अरब डॉलर के सामान पर 50 फीसदी टैरिफ लागू कर दिया। भारतीय मुद्रा में यह राशि करीब 1.9 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह शुल्क कनाडा से अमेरिका भेजे जाने वाले कुल सामान का लगभग 5 फीसदी हिस्सा है। अमेरिकी फैसले के जवाब में कनाडा ने भी अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी शुल्क लगाने का ऐलान किया है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि अमेरिका जितना टैरिफ लगाएगा, कनाडा भी उसी अनुपात में जवाब देगा। कनाडा की ओर से घोषित जवाबी टैरिफ 8 सितंबर से लागू होने हैं।
अमेरिका पर निर्भरता घटाने की तैयारी
मार्क कार्नी ने कहा कि कनाडा अब अपने व्यापारिक रिश्तों को दूसरे देशों के साथ मजबूत करेगा। उनका कहना है कि देश को अमेरिकी बाजार पर अपनी निर्भरता कम करने की जरूरत है। कनाडा सरकार ने संकेत दिया है कि वह दबाव के बजाय अपने आर्थिक हितों और संप्रभुता को प्राथमिकता देगी। ट्रेड डील विफल होने के बाद अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ने सोशल मीडिया पर कनाडा को लेकर नाराजगी जाहिर की। USTR ने कहा कि कनाडा ने अमेरिका के साथ साझेदारी का एक बड़ा अवसर गंवा दिया। अमेरिकी पक्ष के अनुसार, कनाडा को बड़े निर्यातकों की तुलना में बेहतर प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन उसकी नई मांगों और पहले किए गए वादों से पीछे हटने के कारण समझौता नहीं हो सका।
एयरोस्पेस और खनिज सहयोग भी अटका
अमेरिकी ट्रेड प्रतिनिधि के अनुसार, समझौता होने पर एयरोस्पेस क्षेत्र की आपूर्ति श्रृंखला में बेहतर तालमेल, गलत व्यापारिक गतिविधियों से निपटने के उपाय और महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग जैसे कदम आगे बढ़ सकते थे। इसके साथ ही अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा के बीच USMCA व्यापार समझौते को लेकर बातचीत शुरू करने की घोषणा भी संभव थी।
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