Kashi News : वाराणसी में सावन के अंतिम सोमवार से पहले बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रविवार को वीकेंड होने के कारण श्रीकाशी विश्वनाथ धाम और आसपास के इलाकों में अचानक श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई। मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर गोदौलिया चौराहे तक दर्शनार्थियों की लंबी कतार दिखाई दी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहले गंगा घाटों पर पहुंचे।
स्नान और पूजा-अर्चना के बाद वे बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए कतार में शामिल हुए। भीड़ बढ़ने के साथ मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए बैरिकेडिंग और प्रवेश व्यवस्था को सक्रिय कर दिया।
Kashi में कराया जा रहा प्रवेश
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दर्शन के लिए पांच प्रवेश द्वारों से श्रद्धालुओं को अंदर भेजा जा रहा है। धाम के प्रवेश और निकास के लिए कुल छह गेट निर्धारित किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों से पूरे परिसर और आसपास के क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। एसीपी अतुल अंजान के अनुसार वीकेंड के कारण अचानक भीड़ बढ़ी है। इसे नियंत्रित करने के लिए रूट कंट्रोल लागू किया गया है। मंदिर मार्ग पर जाने वाले वाहनों को रोक दिया गया है। सुबह आठ बजे के बाद वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई, ताकि श्रद्धालुओं को पैदल आने-जाने में परेशानी न हो।
श्रद्धालुओं की आवाजाही
मंदिर प्रशासन ने विश्वनाथ मंदिर मार्ग को एकल जोन घोषित किया है। इसके तहत श्रद्धालुओं की आवाजाही एक दिशा में कराई जा रही है। अलग-अलग स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाकर भीड़ को छोटे समूहों में आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे रास्तों पर दबाव कम रहे और दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रहे। मंदिर प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार सावन में अब तक 55.69 लाख श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर चुके हैं। सात ज्योतिर्लिंगों में अब तक 2.34 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी दी गई है। सोमनाथ मंदिर में करीब 16 लाख श्रद्धालु पहुंचे हैं। इस तरह काशी में सोमनाथ की तुलना में करीब 39.69 लाख अधिक दर्शनार्थी पहुंचे।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि दर्शन के साथ श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठान भी करा रहे हैं। 20 अगस्त तक करीब 8,300 लोगों ने बाबा विश्वनाथ का रुद्राभिषेक कराया है। अंतिम सोमवार को भीड़ और बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं।
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