Health Alert : मौसम में बदलाव और बारिश के बीच बच्चों में अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूआरटीआई) के मामले बढ़ने लगे हैं। इस संक्रमण की चपेट में आने पर बच्चों को तेज बुखार, लगातार खांसी, नाक बहने और जुकाम जैसी परेशानियां हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय बच्चों की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेश दयाल के मुताबिक, सामान्य संक्रमण कुछ समय में ठीक हो सकता है, लेकिन यदि तीन-चार दिन बाद भी बच्चे की हालत में सुधार नहीं आता या लक्षण लगातार बढ़ते जाते हैं तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
Health Alert
संक्रमण गंभीर होने पर बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है और ऐसी स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत भी पड़ सकती है। डॉक्टर के अनुसार, जरूरत के मुताबिक मरीज को बुखार कम करने वाली दवाओं के साथ अन्य उपचार दिया जाता है। कुछ मामलों में चिकित्सकीय जांच के बाद एंटीबायोटिक की जरूरत भी पड़ सकती है। इसलिए बच्चों को बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा देने के बजाय लक्षण बढ़ने पर विशेषज्ञ से परामर्श लेना बेहतर है। बारिश और नम मौसम में बच्चों को अनावश्यक रूप से बाहर ले जाने से बचना चाहिए। इस दौरान संक्रमण फैलाने वाले वायरस और बैक्टीरिया के संपर्क में आने की संभावना बढ़ सकती है। घर में या आसपास किसी व्यक्ति को खांसी-जुकाम है तो उसे बच्चे से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
लगाएं मास्क
यदि बच्चे की मां को खुद खांसी या जुकाम है तो बच्चे को दूध पिलाते समय मास्क पहनना सावधानी के तौर पर मददगार हो सकता है। साथ ही हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखना भी जरूरी है, ताकि संक्रमण के फैलाव की आशंका कम की जा सके। बच्चे में लगातार बुखार, खांसी, जुकाम या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे सामान्य मानकर लंबे समय तक इंतजार नहीं करना चाहिए। खासकर तीन-चार दिन में सुधार नहीं होने पर नजदीकी बाल रोग विशेषज्ञ से जांच और उचित उपचार कराना जरूरी है।
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