UP Sarvodaya Schools : उत्तर प्रदेश के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी से हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रदेश के 103 विद्यालयों में प्रवक्ता, सहायक अध्यापक और शारीरिक शिक्षा अनुदेशक के कुल 515 पद रिक्त हैं। नए सत्र में छह और विद्यालय शुरू होने से यह चुनौती और बढ़ सकती है।सर्वोदय विद्यालयों में अंग्रेजी और गणित जैसे अहम विषयों के अलावा हिंदी, संस्कृत, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और कंप्यूटर से जुड़े पद भी खाली हैं।
रिक्त पदों में 235 प्रवक्ता, 231 सहायक अध्यापक और 49 शारीरिक शिक्षा अनुदेशक के पद शामिल हैं। शिक्षकों की कमी का सीधा असर विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई पर पड़ रहा है। प्रवक्ता के रिक्त पदों में सबसे ज्यादा 51 पद गणित के हैं।
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इसके अलावा भौतिक विज्ञान के 42, रसायन विज्ञान के 30, अंग्रेजी के 28, हिंदी के 25 और जीव विज्ञान के 25 पद खाली हैं। भूगोल के 10, इतिहास के 12 और राजनीति शास्त्र के 12 पदों पर भी नियुक्ति नहीं हुई है। इससे कई विद्यालयों में महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।शिक्षकों की कमी का मुद्दा स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले लखनऊ के सर्वोदय विद्यालय में भी सामने आया। शिक्षक उपलब्ध न होने से नाराज विद्यार्थी सड़क पर उतर आए। हालांकि, रिक्तियों के आंकड़े बताते हैं कि शिक्षकों की कमी केवल राजधानी के एक विद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के कई सर्वोदय विद्यालय इससे प्रभावित हैं।
35 हजार विद्यार्थियों पर असर
सर्वोदय विद्यालयों का संचालन समाज कल्याण विभाग करता है। शैक्षिक सत्र 2025-26 में प्रदेश में 103 विद्यालय संचालित थे, जिनमें करीब 35 हजार विद्यार्थी पढ़ रहे थे। छह नए विद्यालयों का निर्माण पूरा होने के बाद 2026-27 में इनकी संख्या बढ़कर 109 होने की उम्मीद है। शासन के अनुसार पिछले सत्र में रिक्त पदों पर एक वर्ष के लिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। जून 2026 में दोबारा विज्ञापन जारी होने के बाद पूर्व अतिथि शिक्षक अदालत चले गए। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को है। शासन का कहना है कि अदालत के आदेश के आधार पर अगस्त में ही अतिथि शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।




