UP Business : उत्तर प्रदेश अब सिर्फ आबादी और औद्योगिक विस्तार के लिए ही नहीं, बल्कि बड़े पारिवारिक कारोबारी घरानों के लिए भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। बार्कलेज प्राइवेट क्लाइंट्स और हुरुन इंडिया की ताजा सूची में प्रदेश से जुड़े सात कारोबारी समूहों को जगह मिली है। इन सभी घरानों की संयुक्त नेटवर्थ करीब 7.52 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। खास बात यह है कि इनमें से कई समूहों का प्रमुख कारोबारी आधार नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर और अमरोहा में है। प्रदेश से जुड़े कारोबारी घरानों में शिव नाडर और रोशनी नाडर के नेतृत्व वाला एचसीएल टेक्नोलॉजीज सबसे ऊपर है।
कंपनी का मूल्यांकन करीब 2.91 लाख करोड़ रुपये है और राष्ट्रीय स्तर पर इसे आठवां स्थान मिला है। कंपनी का मुख्यालय नोएडा में है। वैश्विक स्तर पर आईटी क्षेत्र में अपनी मजबूत मौजूदगी के चलते यह समूह यूपी की कारोबारी पहचान को नई ऊंचाई देता है।
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मोहित बर्मन की अगुवाई वाला डाबर इंडिया करीब 1.03 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन के साथ सूची में शामिल है। कंपनी की कारोबारी मौजूदगी कौशांबी, साहिबाबाद और गाजियाबाद में है। गाजियाबाद में कंपनी का कॉरपोरेट कार्यालय और शोध एवं विकास केंद्र भी मौजूद है। श्याम एस. भरतिया के नेतृत्व वाले जुबिलेंट भरतिया समूह की नेटवर्थ करीब 82,700 करोड़ रुपये बताई गई है। इसका कॉरपोरेट कार्यालय नोएडा में है, जबकि जुबिलेंट फार्मोवा का पंजीकृत कार्यालय अमरोहा के गजरौला में है। समूह दवा, रसायन, कृषि उत्पाद और खाद्य सेवा समेत कई क्षेत्रों में कारोबार करता है।
हैवेल्स तक बड़े नाम शामिल
कानपुर से जुड़ा जेके सीमेंट करीब 74,400 करोड़ रुपये के मूल्यांकन के साथ सूची में है। इसके प्रमुख संयंत्र अलीगढ़, हमीरपुर और प्रयागराज में भी हैं। वहीं अनिल राय गुप्ता के नेतृत्व वाली हैवेल्स इंडिया का मूल्यांकन करीब 72,800 करोड़ रुपये है और इसका कार्यालय नोएडा में स्थित है। सूची में ग्रेटर नोएडा स्थित अनुराग गुप्ता के पीजी इलेक्ट्रोप्लास्ट की नेटवर्थ करीब 15,300 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा समीर गुप्ता के नेतृत्व वाले जैक्सन समूह की हैसियत करीब 13,000 करोड़ रुपये बताई गई है। दोनों समूहों की प्रमुख कारोबारी गतिविधियां नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हैं।
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