India Unique Village : शहरों की भागदौड़ और शोर से दूर राजस्थान का देवमाली गांव अपनी अनोखी जीवनशैली के कारण देशभर में चर्चा में है। ब्यावर जिले में स्थित इस गांव को अपनी परंपराओं और प्राकृतिक माहौल के लिए खास पहचान मिली है। केंद्र सरकार की ओर से इसे ‘बेस्ट टूरिज्म विलेज’ का सम्मान भी मिल चुका है। गांव की खासियत यह है कि यहां आज भी आधुनिक सुख-सुविधाओं की बजाय सदियों पुरानी परंपराओं को प्राथमिकता दी जाती है।
देवमाली की सबसे बड़ी खासियत यहां के मकान हैं। गांव में आज भी एक भी पक्का घर नहीं है। आर्थिक रूप से संपन्न परिवार भी मिट्टी और पारंपरिक तरीके से बने कच्चे मकानों में ही रहते हैं। कई मकानों की उम्र सैकड़ों साल बताई जाती है। गांव की गलियां और आसपास का वातावरण यहां की पुरानी ग्रामीण संस्कृति की झलक दिखाता है।
India Unique Village
गांव के लोगों की आस्था भगवान देवनारायण से गहराई से जुड़ी हुई है। मान्यता है कि देवनारायण भगवान का इस क्षेत्र से पुराना संबंध रहा है और इसी वजह से गांव का नाम देवमाली पड़ा। यहां स्थित देवनारायण मंदिर ग्रामीणों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर के पास मौजूद तालाब को देवसागर के नाम से जाना जाता है। ग्रामीणों के अनुसार गांव की जमीन भी परंपरागत रूप से भगवान देवनारायण के नाम से जुड़ी हुई है।
ग्रामीणों ने बनाई दूरी
देवमाली में शराब और मांस के सेवन को लेकर सख्त सामाजिक परंपरा है। ग्रामीण इनसे दूरी बनाए रखते हैं। महिलाएं भी आज तक चूल्हे पर खाना पकाने की परंपरा को प्राथमिकता देती हैं। गांव की लकड़ी और पहाड़ों से मिलने वाले पत्थरों को दूसरे स्थानों पर ले जाने पर भी रोक बताई जाती है। पशुपालन और दूध का कारोबार यहां के लोगों की आय का प्रमुख जरिया है।
मशहूर है देवमाली
गांव की पहचान सिर्फ परंपराओं तक सीमित नहीं है। यहां सामूहिक रूप से फैसले लेने और आपसी सौहार्द की परंपरा भी लंबे समय से चली आ रही है। ग्रामीणों का दावा है कि गांव में लंबे समय से आपसी विवाद बेहद कम रहे हैं। इसी शांत माहौल और पारंपरिक जीवन को करीब से देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक यहां पहुंचते हैं। देवमाली में बॉलीवुड फिल्म ‘जॉली एलएलबी 3’ की शूटिंग भी हो चुकी है। फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने यहां बिताए अनुभव का जिक्र करते हुए ग्रामीणों की सादगी और संतोष की तारीफ की थी। उन्होंने बताया था कि एक किसान के छोटे से घर में चाय पीने के दौरान उन्हें वहां के लोगों के चेहरों पर दिखाई देने वाली खुशी ने प्रभावित किया। यही सादगी आज देवमाली को बाकी गांवों से अलग पहचान देती है।
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