UP Expressway : उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली एक अहम परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ रही है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को सीधे जोड़ने के लिए करीब 51 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाना है। इसके लिए लखनऊ जिले में भूमि खरीद का काम करीब 70 फीसदी पूरा हो चुका है। प्रशासन का लक्ष्य अगस्त के अंत तक शेष जमीन की खरीद पूरी करने का है। लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए लखनऊ के 42 गांवों के 6 हजार से अधिक किसानों की भूमि ली जानी है।
जुलाई 2025 में इस परियोजना की घोषणा की गई थी। शुरुआत में जमीन खरीद को लेकर किसानों की ओर से विरोध भी सामने आया था। जनवरी 2026 में प्रशासन ने भूमि खरीद की प्रक्रिया शुरू की तो कई गांवों में किसानों ने अपनी जमीन देने पर आपत्ति जताई थी।
UP Expressway
किसानों के विरोध के बाद प्रशासन ने सख्ती के बजाय आपसी सहमति और संवाद के जरिए रास्ता निकालने पर जोर दिया। अधिकारियों की ओर से लगातार किसानों से संपर्क किया जा रहा है। इसी प्रयास के चलते अब तक करीब 70 फीसदी भूमि खरीदी जा चुकी है। शेष किसानों से भी सहमति बनाने की कोशिश जारी है। प्रशासन अब परियोजना के लिए बची हुई भूमि की खरीद को जल्द पूरा करने में जुटा है। अधिकारियों का लक्ष्य अगस्त के अंत तक लगभग पूरी भूमि खरीद लेने का है। जमीन उपलब्ध होने के बाद लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना आसान हो जाएगा।
मिलेगा सीधा रास्ता
लिंक एक्सप्रेसवे बनने के बाद आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों को पूर्वांचल की ओर जाने के लिए लखनऊ शहर के भीतर प्रवेश करने की जरूरत कम होगी। इससे यात्रियों के साथ मालवाहक वाहनों को भी वैकल्पिक और सीधा मार्ग मिलेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आगरा क्षेत्र से पूर्वांचल तक सामान पहुंचाने में समय और ईंधन की बचत होने की उम्मीद है। करीब 51 किलोमीटर का यह संपर्क मार्ग तैयार होने के बाद दोनों एक्सप्रेसवे के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे लंबी दूरी के यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ ही माल परिवहन भी आसान हो सकता है। प्रशासन को उम्मीद है कि बेहतर सड़क संपर्क से आगरा, लखनऊ और पूर्वांचल के बीच व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
लखनऊ के एडीएम (वित्त एवं राजस्व) राकेश कुमार सिंह ने बताया कि करीब 70 फीसदी भूमि क्रय की जा चुकी है। शेष किसानों से भी लगातार संवाद किया जा रहा है और अगस्त के अंत तक भूमि खरीद की प्रक्रिया लगभग पूरी करने का प्रयास है।
Read More : UP Weather: बादलों की आवाजाही से राहत, अगले तीन दिन दक्षिणी जिलों में सक्रिय रहेगा मानसून




