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Jhansi दौरे के बाद अलर्ट मोड में अलीगढ़ प्रशासन, CM योगी की सख्ती का दिखने लगा असर

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Jhansi News : 20 जून को झांसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों पर हुई सख्त टिप्पणी के बाद अलीगढ़ प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। झांसी में आयोजित विकसित भारत संकल्प सम्मेलन के दौरान सीएम की सख्ती को देखते हुए अलीगढ़ के अधिकारी अब पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गए हैं। पूरे दिन अधिकारी झांसी से जुड़े अपडेट पर नजर बनाए रहे। अलीगढ़ के स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी अपने संपर्कों के जरिए झांसी से लगातार फीडबैक जुटा रहे हैं। यह विश्वविद्यालय अलीगढ़, हाथरस, कासगंज और एटा के 383 कॉलेजों से संबद्ध है, जिससे क्षेत्रीय उच्च शिक्षा व्यवस्था में इसका बड़ा महत्व माना जाता है।

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वे यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री समीक्षा बैठकों में किन विभागों पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं और किस तरह की कमियों पर सबसे अधिक नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। इसी के आधार पर अलीगढ़ में संभावित कमियों को दूर करने की तैयारी तेज कर दी गई है ताकि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान किसी तरह की सख्ती का सामना न करना पड़े।

Jhansi में बढ़ी निगरानी

सिर्फ प्रशासन ही नहीं, बल्कि अलीगढ़ के भाजपा संगठन से जुड़े पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि भी झांसी की गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए नेता यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री विकास कार्यों और जनप्रतिनिधियों के प्रदर्शन को किस पैमाने पर परख रहे हैं। इसके लिए स्थानीय स्तर पर संपर्कों के जरिए लगातार जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि अपने क्षेत्र में बेहतर तैयारी की जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय (आरएमपीयू) का निरीक्षण करेंगे। वे करीब एक से दो बजे तक परिसर में रहकर निर्माण कार्यों और व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पहले विश्वविद्यालय के निर्माण में तकनीकी खामियां और गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ चुके हैं।

पहले भी उठ चुके हैं सवाल

वर्ष 2022 में लखनऊ की तकनीकी टीम की रिपोर्ट में निर्माण कार्यों में कई खामियां सामने आई थीं। इसमें भवन का स्तर हाईवे से नीचा पाए जाने पर उसे ऊंचा करने की सिफारिश की गई थी, जिस पर अतिरिक्त लागत का अनुमान भी लगाया गया। इसके अलावा अप्रैल 2025 में दीवारों और लैब में दरारों की खबरों ने निर्माण गुणवत्ता पर फिर सवाल खड़े कर दिए थे। इन मामलों के बाद प्रशासन ने जांच समिति का गठन भी किया था। आरएमपीयू की घोषणा 2019 के इगलास उपचुनाव के दौरान की गई थी, जबकि 14 सितंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी आधारशिला रखी थी। 100 एकड़ क्षेत्र में लगभग 101.41 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है।

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