CJP Protest : राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) से जुड़े विवाद और कथित पेपर लीक मामले को लेकर राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को राजनीतिक और सामाजिक हलचल देखने को मिली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन आयोजित किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं और इसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
प्रदर्शन सुबह शुरू हुआ और कई घंटों तक जारी रहा। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग उठाई और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
CJP Protest
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित किया जाएगा। दीपके ने घोषणा की कि 13 जून को जंतर-मंतर पर एक बार फिर बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। उनका कहना था कि छात्र और अभिभावक लगातार जवाब मांग रहे हैं और इस मुद्दे को अब दबाया नहीं जा सकता। प्रदर्शन को उस समय और अधिक चर्चा मिली जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।
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— Cockroach is Back (@Cockroachisback) June 6, 2026
कार्यक्रम में पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका समेत कई अन्य समर्थक भी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक इंतजाम किए थे। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और राजधानी के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। सूत्रों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को विभिन्न स्थानों पर लगाया गया था। संवेदनशील इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई गई थी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।
13 जून पर टिकी निगाहें
प्रदर्शन निर्धारित समय से पहले समाप्त हो गया, लेकिन CJP ने अपने आंदोलन को जारी रखने का संकेत दिया है। पार्टी का कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज करती है तो आने वाले दिनों में आंदोलन का दायरा बढ़ाया जाएगा। अब सभी की नजरें 13 जून पर टिकी हैं, जब जंतर-मंतर पर एक बार फिर इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन प्रस्तावित है। वहीं, केंद्र सरकार या शिक्षा मंत्रालय की ओर से इस मांग पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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