Immigration Rules 2026 : भारत में रहने वाले विदेशी नागरिकों से जुड़े नियमों में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। गृह मंत्रालय की ओर से इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स (संशोधन) नियम, 2026 की अधिसूचना जारी की गई है। नए प्रावधानों का उद्देश्य रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को अधिक आसान और व्यवस्थित बनाना बताया जा रहा है। इसके तहत विदेशी नागरिकों को पहले की तुलना में अधिक लचीलापन मिलेगा, जबकि कई प्रक्रियाओं को डिजिटल माध्यम से भी जोड़ा गया है। नए नियमों के तहत विदेशी नागरिकों को अब रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 180 दिन पूरे होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
वे भारत में अपने निर्धारित प्रवास के दौरान किसी भी समय रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। पहले व्यवस्था यह थी कि 180 दिन पूरे होने के बाद 14 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य था। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से अनुपालन आसान होगा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी तेजी आएगी।
Immigration Rules 2026
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बाद रजिस्ट्रेशन केवल विशेष परिस्थितियों में ही स्वीकार किया जाएगा। यानी अब समयसीमा का पालन पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगा। इससे रिकॉर्ड प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। संशोधित नियमों की सबसे बड़ी विशेषता ऑनलाइन अपील की व्यवस्था को माना जा रहा है। अब किसी आदेश से प्रभावित व्यक्ति सीधे ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के आयुक्त के समक्ष डिजिटल माध्यम से अपील दर्ज करा सकेगा। इससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
30 दिन में अपील
नियमों के अनुसार किसी भी आदेश के खिलाफ अपील प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर दायर करनी होगी। इसके बाद आयुक्त संबंधित पक्षों को सुनने के बाद निर्णय लेंगे। सरकार ने यह भी प्रावधान किया है कि ऐसे मामलों का निपटारा यथासंभव 60 दिनों के भीतर करने का प्रयास किया जाए। नई अधिसूचना में बच्चों की नागरिकता से जुड़े नियमों को भी स्पष्ट किया गया है। यदि माता-पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक है और बच्चे की भारतीय नागरिकता बरकरार रखना चाहता है, तो ऐसे मामलों में विदेशी नागरिकों के रजिस्ट्रेशन संबंधी नियम लागू नहीं होंगे। यदि भारत में रह रहा कोई बच्चा किसी अन्य देश की नागरिकता प्राप्त करता है, तो उसके माता-पिता को इसकी जानकारी निर्धारित अवधि के भीतर अधिकारियों को देनी होगी।
2025 के कानून के तहत लागू हुए बदलाव
ये सभी संशोधन इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के तहत किए गए हैं। यह कानून मार्च 2025 में संसद से पारित हुआ था। इसके जरिए पासपोर्ट, विदेशी नागरिकों के पंजीकरण और इमिग्रेशन से जुड़े कई पुराने कानूनों को एकीकृत ढांचे में शामिल किया गया। नए कानून में अवैध तरीके से विदेशी नागरिकों को देश में लाने, ठहराने या बसाने पर सख्त दंड का भी प्रावधान है। साथ ही भारत में प्रवेश के लिए वैध पासपोर्ट और वीजा को अनिवार्य बनाए रखा गया है।
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