Yamuna Expressway : उत्तर प्रदेश को देश के बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की मौजूदगी में यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में 17 बड़ी कंपनियों को जमीन आवंटन पत्र सौंपे गए। इन परियोजनाओं के जरिए प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये का निवेश आने वाला है, जिससे औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से 12 हजार से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
यीडा क्षेत्र में सबसे बड़ा निवेश सोलर और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में देखने को मिलेगा। सीईएससी ग्रीन पावर लिमिटेड 100 एकड़ क्षेत्र में तीन गीगावाट क्षमता की सोलर सेल और मॉड्यूल निर्माण इकाई लगाएगी। इस परियोजना में करीब 3805 करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे और लगभग 5000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
Yamuna Expressway
इंटीग्रेटेड बैटरीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड भी 4 गीगावाट क्षमता वाली सोलर पीवी सेल निर्माण यूनिट स्थापित करेगी। इस प्रोजेक्ट में 1146 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इन निवेशों से उत्तर प्रदेश को ग्रीन एनर्जी हब बनाने की दिशा में बड़ी मजबूती मिलेगी। सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में भी कई कंपनियों ने निवेश का भरोसा जताया है। आर्सेनल इन्फोसॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और वर्चुअल एंप्लॉयी प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियां आईटी और आईटीईएस यूनिट स्थापित करेंगी। इन कंपनियों ने स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की बात कही है।
एमॅड्यूस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और क्वार्क्स टेक्नॉसॉफ्ट जैसी कंपनियां डेटा प्रोसेसिंग और तकनीकी सेवाओं से जुड़े प्रोजेक्ट शुरू करेंगी। इससे नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र डिजिटल और टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के बड़े केंद्र के रूप में उभर सकते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को मिलेगा बढ़ावा
प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी इन परियोजनाओं से नई ताकत मिलने वाली है। कई कंपनियां इलेक्ट्रिकल उपकरण, वायर, कंट्रोल पैनल, ईवी चार्जर और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के निर्माण की यूनिट लगाने जा रही हैं। समरकूल होम एप्लायंसेज, वेगा इंडस्ट्रीज और एडवांस पैनल्स एंड स्विचगियर्स जैसी कंपनियां करोड़ों रुपये निवेश कर सैकड़ों रोजगार सृजित करेंगी। इससे स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी और युवाओं के लिए नौकरी के नए अवसर खुलेंगे।
रेलवे, वस्त्र और पैकेजिंग उद्योग को भी फायदा
रेलवे सिग्नलिंग उपकरण, रेडीमेड गारमेंट और पैकेजिंग उद्योग से जुड़ी कंपनियां भी यीडा क्षेत्र में निवेश कर रही हैं। जेएमवी एलपीएस लिमिटेड रेलवे सिग्नलिंग उत्पाद बनाएगी, जबकि साहू इंटरनेशनल अटायर रेडीमेड वस्त्र निर्माण इकाई स्थापित करेगी। इसके अलावा, एआई तकनीक आधारित पैकेजिंग यूनिट और हाई बैरियर पीईटी शीट निर्माण परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं। इन कंपनियों ने स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की बात कही है, जिससे आसपास के जिलों के युवाओं को सीधा लाभ मिल सकता है।
औद्योगिक नक्शे पर तेजी से उभर रहा UP
सरकार का कहना है कि उत्तर प्रदेश अब केवल कृषि प्रधान राज्य नहीं रह गया है, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स, हरित ऊर्जा, आईटी, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और आधुनिक उद्योगों का बड़ा केंद्र बन रहा है। यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में तेजी से बढ़ते निवेश को प्रदेश की नई औद्योगिक नीति और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का परिणाम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र देश के सबसे बड़े औद्योगिक कॉरिडोर में शामिल हो सकता है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार दोनों को बड़ा फायदा मिलेगा।
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