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MP News: शादी की हल्दी बनी जानलेवा, जांच में मिला आर्सेनिक; दुल्हन की मौत के बाद खुलासा

MP News : शादी की खुशियों के बीच इस्तेमाल की जाने वाली हल्दी अब लोगों के लिए खतरे की वजह बनती नजर आ रही है। मध्य प्रदेश में सामने आए एक मामले ने हर किसी को हैरान कर दिया है। शादी की रस्मों में लगाई गई हल्दी से कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जबकि एक दुल्हन की मौत तक हो गई। अब खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है।

जांच में पता चला है कि हल्दी को ज्यादा चमकीला और आकर्षक बनाने के लिए उसमें ऐसा रंग मिलाया गया था, जिसमें आर्सेनिक जैसे जहरीले तत्व मौजूद थे। विशेषज्ञों के मुताबिक यह रंग आमतौर पर होली के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले रंगों में प्रयोग होता है, जिसे त्वचा पर लगाना भी नुकसानदायक माना जाता है।

MP के इंदौर और खरगोन के मामलों ने बढ़ाई चिंता

यह मामला सबसे पहले इंदौर और खरगोन जिले में सामने आया था। इंदौर के दुधिया गांव में रहने वाले गोलू कौशल की शादी से पहले हल्दी की रस्म आयोजित की गई थी। परिवार के लोगों ने जैसे ही उनके शरीर पर हल्दी लगाई, कुछ ही देर बाद उन्हें तेज जलन, खुजली और सांस लेने में परेशानी होने लगी। हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों को गंभीर एलर्जिक रिएक्शन के लक्षण मिले। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कुछ समय के लिए उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखना पड़ा। इसी तरह खरगोन जिले के कसरावद क्षेत्र में एक दुल्हन की हल्दी की रस्म के बाद तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

जांच रिपोर्ट में मिले खतरनाक केमिकल

घटनाओं के बाद प्रशासन ने हल्दी के सैंपल जांच के लिए भेजे थे। रिपोर्ट में सामने आया कि हल्दी में आर्सेनिक, लीड और कॉपर जैसी धातुएं मिली हुई थीं। जांच के अनुसार हल्दी में 0.22 एमजी आर्सेनिक, 0.37 एमजी लीड और 3.19 एमजी कॉपर पाया गया। डॉक्टरों का कहना है कि ये तत्व शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकते हैं। खासतौर पर यदि मिलावटी रंग त्वचा या सांस के जरिए शरीर में पहुंच जाएं, तो एलर्जी और अन्य गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक संवेदनशील त्वचा वाले लोगों में इसका असर ज्यादा तेजी से दिखाई देता है।

चमकीला रंग बनाने के चक्कर में बढ़ रहा खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में कई जगह हल्दी को ज्यादा पीला और चमकीला दिखाने के लिए सस्ते केमिकल मिलाए जाते हैं। कुछ व्यापारी होली के रंगों में इस्तेमाल होने वाले रासायनिक पदार्थों का भी प्रयोग कर लेते हैं, ताकि हल्दी देखने में आकर्षक लगे। चर्म रोग विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे रसायन त्वचा में जलन, लाल चकत्ते, सूजन और गंभीर एलर्जी पैदा कर सकते हैं। कई मामलों में सांस लेने में दिक्कत, उल्टी और कमजोरी जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं। लंबे समय तक ऐसे केमिकल शरीर में जाने पर आंतरिक अंगों पर भी असर पड़ सकता है।

प्रशासन ने शुरू की सख्ती

घटनाओं के बाद प्रशासन ने खुले में बिकने वाली हल्दी और बिना ब्रांड वाले मसालों के सैंपल लेना शुरू कर दिया है। कई जिलों में जांच अभियान चलाया जा रहा है ताकि मिलावटी उत्पादों की पहचान की जा सके। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि शादी या अन्य रस्मों में इस्तेमाल होने वाली हल्दी खरीदते समय सावधानी बरतें। भरोसेमंद ब्रांड और प्रमाणित उत्पादों का ही उपयोग करें। साथ ही अगर हल्दी का रंग असामान्य रूप से ज्यादा चमकीला दिखे, तो उसका इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

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