UP News : उत्तर प्रदेश सरकार अब आगरा के प्रसिद्ध बटेश्वर धाम को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने जा रही है। Yogi Adityanath सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत बटेश्वर धाम में आधुनिक सुविधाओं के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नए स्वरूप में तैयार किया जा रहा है।
पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee की पैतृक भूमि और 101 प्राचीन शिव मंदिरों की श्रृंखला के लिए प्रसिद्ध यह धाम लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। अब इसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की तैयारी तेज हो गई है।
UP News: बटेश्वर धाम का होगा कायाकल्प
भारत सरकार की SASCI योजना के तहत करीब 71.50 करोड़ रुपये की लागत से यह पूरा प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। पर्यटन विभाग के अनुसार अब तक 56.11 करोड़ रुपये जारी भी किए जा चुके हैं और निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। सरकार ने इस परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों का कहना है कि बटेश्वर धाम का विकास केवल धार्मिक स्थल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से भी जोड़ा जाएगा ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
श्रद्धालुओं के लिए बनेंगी आधुनिक सुविधाएं
परियोजना के तहत श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं तैयार की जा रही हैं। परिसर में बड़ी पार्किंग, स्वच्छ सार्वजनिक शौचालय और महिला-पुरुष यात्रियों के लिए अलग-अलग डॉरमेट्री बनाई जाएंगी। करीब 20 कमरों वाले आधुनिक आवास क्षेत्र का निर्माण भी किया जा रहा है।
यहां कैफेटेरिया, फूड कियोस्क, स्मारिका दुकानें और बच्चों के लिए इंटरैक्टिव जोन भी विकसित किए जाएंगे। सरकार चाहती है कि यहां आने वाले पर्यटक केवल दर्शन ही नहीं, बल्कि शांत वातावरण और सांस्कृतिक अनुभव का भी आनंद ले सकें। बटेश्वर धाम को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए इंटरैक्टिव डिजिटल गैलरी भी तैयार की जा रही है। यहां चारों वेदों और शिव पुराण की कथाओं को डिजिटल माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। एक विशेष ‘चार धाम गैलरी’ और ‘समुद्र मंथन गैलरी’ भी बनाई जा रही है, जो पर्यटकों के आकर्षण का बड़ा केंद्र बनेगी। इसके साथ ही ‘शिव सहस्रनाम खंड’ में भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों और उनकी महिमा को विशेष इंस्टॉलेशन के जरिए दिखाया जाएगा।
देंगे आध्यात्मिक अनुभव
परियोजना का सबसे आकर्षक हिस्सा ‘सेंट्रल लैंडस्केप क्षेत्र’ होगा। यहां विशाल बरगद के पेड़ के पास भगवान शिव की ध्यानमग्न मुद्रा में भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इस प्रतिमा के चारों ओर ‘ध्यान पथ’ और ‘शिव प्रांगण’ विकसित किया जाएगा, जहां आने वाले श्रद्धालु शांति और आध्यात्मिक अनुभव महसूस कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि यह स्थान आने वाले समय में ध्यान और आध्यात्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बन सकता है।
ज्योतिर्लिंग पार्क होंगे आकर्षण
बटेश्वर धाम में पंचमहाभूतों पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश पर आधारित ‘पंचभूत शिव स्कल्पचर गार्डन’ तैयार किया जा रहा है। साथ ही 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियों से सुसज्जित ‘शिवलिंगम पार्क’ भी बनाया जाएगा। यमुना नदी और भगवान शिव के आध्यात्मिक संबंध को दर्शाने के लिए ‘कालिंदी वनम’ विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा भगवान नंदी की विशाल प्रतिमा भी परिसर की भव्यता को और बढ़ाएगी।
पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री Jaiveer Singh का कहना है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य तेजी से आध्यात्मिक पर्यटन का सबसे बड़ा केंद्र बन रहा है। सरकार का दावा है कि बटेश्वर धाम के विकास से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। आगरा पहले ही देशी-विदेशी पर्यटकों की पसंद बना हुआ है और अब बटेश्वर धाम का नया स्वरूप उत्तर प्रदेश को वैश्विक विरासत पर्यटन के नक्शे पर और मजबूत पहचान दिलाएगा।
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