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NEET पेपर लीक जांच में सामने आया पूर्वांचल कनेक्शन, पुराने सॉल्वर गैंग पर यूपी STF की नजर

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NEET Paper Leak : देशभर में चर्चा का विषय बने NEET पेपर लीक मामले की जांच अब पूर्वांचल तक पहुंच गई है। Uttar Pradesh Special Task Force (एसटीएफ) ने वाराणसी, पूर्वांचल और पटना से जुड़े पुराने सॉल्वर गैंग को फिर से रडार पर लिया है। जांच एजेंसियां खास तौर पर उन आरोपियों की गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं, जिनका नाम वर्ष 2021 में सामने आए बड़े NEET सॉल्वर गिरोह में आया था। साल 2021 में Sarnath Police Station पुलिस ने NEET परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थियों और सॉल्वर गैंग का बड़ा खुलासा किया था। तत्कालीन पुलिस कमिश्नर A. Satish Ganesh के नेतृत्व में चली कार्रवाई के दौरान 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

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जांच में पता चला था कि संगठित गिरोह पैसे लेकर असली अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों को परीक्षा दिलवाता था। इस नेटवर्क के तार उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों तक फैले हुए थे।

NEET पेपर लीक जांच

12 सितंबर 2021 को सारनाथ थाना क्षेत्र के सरायमोहाना स्थित परीक्षा केंद्र पर त्रिपुरा की अभ्यर्थी हीना विश्वास की जगह दूसरी युवती परीक्षा देते पकड़ी गई थी। बाद में उसकी पहचान बीएचयू की मेडिकल छात्रा जुली कुमारी के रूप में हुई थी। पुलिस ने मौके से जुली कुमारी और केंद्र के बाहर मौजूद उसकी मां बबिता देवी को भी गिरफ्तार किया था। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई थीं, जिसके बाद पूरा सॉल्वर नेटवर्क उजागर हुआ। इस मामले का मुख्य आरोपी Nilesh Kumar Singh उर्फ पीके बताया गया था, जिस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। मूल रूप से छपरा और पटना से जुड़े निलेश की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने देश के अलग-अलग हिस्सों से कई अन्य आरोपियों को पकड़ा था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, निलेश का नेटवर्क बेहद संगठित था और उसके करीबी सहयोगियों में ओसामा शाहिद, डॉ. प्रिया, डॉ. अफरोज और कई अन्य नाम शामिल थे।

लगा गैंगस्टर एक्ट

मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई थी। हालांकि, बाद में कमजोर पैरवी और कानूनी प्रक्रियाओं के चलते अधिकतर आरोपी जेल से बाहर आ गए और फिलहाल जमानत पर हैं। अब मौजूदा NEET पेपर लीक मामले की जांच के दौरान एसटीएफ एक बार फिर इन पुराने आरोपियों की गतिविधियों और संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।

नेटवर्क खंगाल रही STF

सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या वर्तमान पेपर लीक मामले का संबंध पुराने सॉल्वर गिरोह से है। इसके लिए पूर्वांचल, वाराणसी और पटना तक फैले नेटवर्क की गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। एसटीएफ की टीम विशेष रूप से निलेश उर्फ पीके, ओसामा शाहिद और डॉ. प्रिया जैसे आरोपियों के संपर्कों और हालिया गतिविधियों की जांच कर रही है। देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के बीच जांच एजेंसियां अब पुराने सॉल्वर गैंग और शिक्षा माफिया के नेटवर्क को दोबारा खंगाल रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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