UP Smart Meter : उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को राहत देते हुए सरकार ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था में अहम बदलाव किया है। अब प्रीपेड स्मार्ट मीटर भी पोस्टपेड की तरह काम करेंगे। यानी उपभोक्ताओं को पहले की तरह हर महीने बिल मिलेगा और उसे जमा करने के लिए तय समय भी दिया जाएगा। यह फैसला उन शिकायतों के बाद लिया गया है, जिनमें प्रीपेड मीटर की प्रक्रिया को लेकर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।

नई व्यवस्था के तहत अब बिलिंग साइकिल पूरी तरह पोस्टपेड सिस्टम जैसा रहेगा। उपभोक्ताओं की महीनेभर की बिजली खपत के आधार पर बिल तैयार किया जाएगा और भुगतान के लिए लगभग 15 दिन का समय मिलेगा।
UP स्मार्ट मीटर
इससे उपभोक्ताओं को अचानक रिचार्ज कराने की परेशानी से राहत मिलेगी और वे अपनी सुविधा के अनुसार भुगतान कर सकेंगे। ऊर्जा मंत्री A. K. Sharma ने बताया कि उपभोक्ताओं को हर महीने का बिल SMS और व्हाट्सऐप के जरिए भेजा जाएगा। इससे लोगों को बिल लेने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिन उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर बदल गया है, उन्हें जल्द से जल्द अपडेट कराने की सलाह दी गई है, ताकि बिल की जानकारी समय पर मिल सके।
आसान विकल्प
सरकार ने पुराने बकाया बिल को लेकर भी राहत दी है। जिन उपभोक्ताओं पर 30 अप्रैल तक बकाया है, वे उसे 10 आसान किस्तों में जमा कर सकते हैं। इसके अलावा मई और जून में अलग-अलग जगहों पर कैंप लगाए जाएंगे, जहां स्मार्ट मीटर और बिलिंग से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। यह कदम खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा, जो एकमुश्त भुगतान करने में सक्षम नहीं हैं।
सिक्योरिटी जमा करने में भी राहत
पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने के साथ ही सिक्योरिटी राशि को लेकर भी बदलाव किया गया है। अब उपभोक्ताओं से एकमुश्त रकम लेने के बजाय चार किस्तों में सिक्योरिटी जमा कराई जाएगी। इससे नए मीटर लगाने के दौरान लोगों पर एक साथ आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और प्रक्रिया आसान हो जाएगी। अगर किसी वजह से उपभोक्ता को बिल प्राप्त नहीं होता है, तो इसके लिए भी व्यवस्था की गई है। उपभोक्ता व्हाट्सऐप चैटबॉट के जरिए अपना कनेक्शन नंबर भेजकर बिल हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा 1912 हेल्पलाइन या पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर भी बिल मंगाया जा सकता है।
पारदर्शिता, जवाबदेही और जनविश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ने स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था से जुड़ी उपभोक्ताओं की शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता पर रोक लगा दी है।
उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से… pic.twitter.com/irDSpjHiao
— Government of UP (@UPGovt) April 19, 2026
उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत
सरकार के इस फैसले से बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नई व्यवस्था न सिर्फ भुगतान को आसान बनाएगी, बल्कि बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता भी लाएगी। इससे स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों का भरोसा बढ़ेगा और बिजली व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
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