PM Modi : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल हरदोई में 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होते ही उत्तर प्रदेश के सड़क नेटवर्क को एक नई गति मिलेगी। यह परियोजना राज्य के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों को सीधे जोड़ने का काम करेगी, जिससे लंबी दूरी का सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे के जुड़ने के बाद राज्य में संचालित एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 1910 किलोमीटर तक पहुंच जाएगी।
इससे देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से अधिक हो जाएगी। आने वाले समय में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यह आंकड़ा और बढ़कर करीब 1973 किलोमीटर हो जाएगा।
PM मोदी करेंगे उद्घाटन
यह एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाएगा और रास्ते में हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ समेत कुल 12 जिलों को जोड़ेगा। करीब 519 गांवों से होकर गुजरने वाली इस परियोजना पर लगभग 36,230 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इससे व्यापार, उद्योग और आम लोगों के आवागमन में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
निर्माण और योजना की खास बातें
गंगा एक्सप्रेसवे एक छह लेन का ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है, जिसे भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाने की योजना के साथ तैयार किया गया है। इसका निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने कराया है, जबकि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अन्य परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इस एक्सप्रेसवे का शिलान्यास 18 दिसंबर 2021 को किया गया था और 2022 में इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ। इस एक्सप्रेसवे पर यातायात को सुगम बनाने के लिए बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है।
गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के साथ उत्तर प्रदेश देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में अग्रणी बन जाएगा, जहां राज्य की हिस्सेदारी 60% से अधिक हो जाएगी। दिनांक 29 अप्रैल को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 594 किमी लंबे मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया जाएगा,… pic.twitter.com/RsUT60UEqo
— INVEST UP (@_InvestUP) April 28, 2026
इसमें 14 बड़े पुल, 165 छोटे पुल, 32 फ्लाईओवर, 7 रेलवे ओवरब्रिज, 453 अंडरपास और 795 पुलिया बनाई गई हैं। इसके अलावा 17 इंटरचेंज, 19 रैंप टोल प्लाजा और दो मुख्य टोल प्लाजा भी बनाए गए हैं। साथ ही 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी और नौ जन सुविधा केंद्र भी विकसित किए गए हैं।
सुरक्षा और तकनीक का खास ध्यान
एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर किलोमीटर पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। वाहनों की अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए रंबल स्ट्रिप्स भी बनाए गए हैं, ताकि नींद या लापरवाही की स्थिति में वाहन चालक सतर्क हो सके और हादसों को कम किया जा सके। राज्य सरकार ने आने वाले वर्षों में एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और विस्तार देने की योजना बनाई है।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा 11 नई परियोजनाओं पर काम शुरू किया जा चुका है। लक्ष्य है कि 2029 तक राज्य में एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई बढ़ाकर 3200 किलोमीटर कर दी जाए, जिससे उत्तर प्रदेश देश में सड़क कनेक्टिविटी के मामले में अग्रणी बना रहे।
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