Vaishakh Amavasya 2026:- वैशाख अमावस्या तिथि पर विशेष मंत्रों का जाप, पवित्र स्नान, श्रद्धा पिंडदान और दान-पुण्य किया जाता है। ऐसा करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। वैदिक पंचांग के मुताबिक इस बार वैशाख अमावस्या पर अगर आप पितृदोष से मुक्ति चाहते हैं पितरों की कृपा पाना चाहते हैं उनको प्रसन्न करना चाहते हैं और उनका आशीर्वाद चाहते हैं तो ऐसे में आपको कुछ कार्य करने होंगे जिसके जरिए पितृ प्रसन्न होंगे अपना आशीर्वाद आपको देंगे और आपको पितृदोष से मुक्ति मिल जाएगी। पितृ दोष से मुक्ति पाने का यह एक सरल उपाय है।
कब है वैशाख अमावस्या?
वैदिक पंचांग की माने तो इस बार बैशाख अमावस्या 17 अप्रैल यानी कि शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस तिथि पर अगर आप पितृदोष से मुक्ति पाना चाहते हैं उनका आशीर्वाद पाना चाहते हैं और उन्हें प्रसन्न करना चाहते हैं तो ऐसे में वैशाख अमावस्या के दिन आपको पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए इन मंत्रों का जाप करना होगा। अगर आप इन मंत्रों का जाप वैशाख अमावस्या के दिन करते हैं तो आपको पितृ दोष से छुटकारा मिल जाएगा।
पितरों की कृपा प्राप्ति के मंत्र
ॐ श्री पितराय नमः
ॐ श्री पितृदेवाय नमः
ॐ श्री पितृभ्यः नमः
ॐ श्री सर्व पितृ देवताभ्यो नमो नमः
ॐ पितृभ्यः स्वधायिभ्यः पितृगणाय च नमः
ॐ श्राध्दाय स्वधा नमः
ॐ नमः शिवाय
ॐ श्रीं सर्व पितृ दोष निवारणाय क्लेशं हं हं सुख शांतिम् देहि फट् स्वाहा
ॐ पितृदेवताभ्यो नमः
ॐ पितृ गणाय विद्महे जगत धारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात्
पितृ गायत्री मंत्र
देवताभ्यः पितृभ्यश्च महा योगिभ्य एव च ।
नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नमः ।।
पितृ गायत्री मंत्र
देवताभ्यः पितृभ्यश्च महा योगिभ्य एव च ।
नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नमः ।।
इन मंत्रों का जप है प्रभावशाली
1. ॐ नमः शिवाय
2. महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ||
गायत्री मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः
तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्यः धीमहि
धियो यो नः प्रचोदयात् ॥
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