Safar : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग अपने साथ हनुमान चालीसा रखते हैं, ताकि समय मिलने पर उसका पाठ कर सकें। खासतौर पर यात्रा के दौरान लोग इसे जेब या बैग में रखते हैं। शास्त्रों के अनुसार, इसके साथ कुछ जरूरी नियमों का पालन करना बेहद जरूरी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, सफर में हनुमान चालीसा साथ रखना गलत नहीं है, लेकिन इसकी पवित्रता बनाए रखना जरूरी है। इसे हमेशा साफ कपड़े में लपेटकर रखना चाहिए, बेहतर होगा कि लाल या पीले रंग का कपड़ा इस्तेमाल करें। यात्रा के दौरान अशुद्ध अवस्था में इसे छूने से बचना चाहिए।
अगर आप यात्रा में हैं और शौचालय का उपयोग करते हैं, तो हाथ धोने से पहले चालीसा को स्पर्श न करें। इसके अलावा जहां मांसाहारी भोजन बन रहा हो या रखा हो, वहां इसे साथ ले जाने से भी बचना चाहिए। ऐसा करने से इसकी पवित्रता बनी रहती है।
Safar से पहले जान लें ये नियम
हनुमान चालीसा का पाठ केवल पढ़ना नहीं, बल्कि एक साधना माना गया है। इसलिए पाठ शुरू करने से पहले Lord Rama का स्मरण करना जरूरी बताया गया है। शुरुआत में ‘श्रीगुरु चरन सरोज रज…’ दोहे का पाठ करना चाहिए और फिर पूरी चालीसा पढ़नी चाहिए। इसे 1, 3, 7, 9 या 11 बार पढ़ना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान चालीसा को कभी भी चमड़े से बनी चीजों जैसे पर्स या बैग में नहीं रखना चाहिए। इसे गंदे कपड़े या पॉलिथीन में रखना भी उचित नहीं माना जाता। साथ ही पाठ के दौरान बहुत तेज आवाज से पढ़ने के बजाय मध्यम और शांत स्वर में पाठ करना बेहतर होता है।
मन से भी कर सकते हैं पाठ
अगर यात्रा के दौरान शारीरिक शुद्धता बनाए रखना संभव नहीं है, तो ऐसे में पुस्तक को छूने के बजाय मन ही मन पाठ करना या मोबाइल पर सुनना भी एक अच्छा विकल्प है। इससे श्रद्धा भी बनी रहती है और नियमों का पालन भी हो जाता है।
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