Uttarakhand News:- बद्रीनाथ धाम को लेकर कई नए नियम लागू कर दिए गए हैं, जिसके चलते बद्रीनाथ धाम में अब नगर पंचायत की अनुमति के बिना भागवत कथा और भंडारा इसके साथ ही अन्य कई विशेष कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। इसके लिए पंचायत द्वारा ऑनलाइन या ऑफलाइन अनुमति लेना बहुत ही जरूरी कहा जा रहा है। बिना किसी परमिशन के धार्मिक कार्यक्रम करने पर ₹50000 तक का जुर्माना भी लगाया जाएगा।
अगर कोई भी यहां पर कोई कार्यक्रम करना चाहते हो तो उसके लिए पहले अनुमति लेनी होगी। इसके अलावा नए नियम के तहत बद्रीनाथ क्षेत्र में कोई भी मांस नहीं ला सकता है अगर कोई मांस लेकर आता है तो उसे पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा। इसके अलावा यहां कोई झुग्गी-झोपड़ी भी नहीं बना सकता है और पंचायत की तरफ से बायलॉज भी तैयार किए गए हैं, जिन्हें आपत्तियां व सुझाव के उपरांत गजट नोटिफिकेशन के लिए रुड़की भेज दिया गया है।
बिना परमिशन के नहीं होगा अब कोई आयोजन
हर साल बद्रीनाथ धाम की यात्रा के दौरान तीर्थ यात्री भागवत कथा और भंडारों का आयोजन कर देते हैं, लेकिन वह बिना किसी परमिशन के यह आयोजन करते हैं। ऐसे में पंचायत में इसके लिए तीन बायलॉज तैयार किए हैं। जिसके तहत मांसाहार परिवहन एवं उपयोग प्रबंध उपविधि 2026 झोपड़ी अस्थाई आवास नियंत्रण एवं स्वच्छता उपयोग विधि और भंडारा भागवत एवं विशेष कार्यक्रम नियंत्रण उपविधि तैयार की गई है। इसके साथ ही कई व्यवस्था है सुनिश्चित करने के लिए अनुमति के साथ यूजर चार्ज की भी व्यवस्था करवाई गई है।
नोटिफिकेशन के बाद उपविधि लागू होगी
ज्योतिर्गमठ के यूपी जिला अधिकारी चंद्रशेखर वरिष्ठ का कहना है कि गजट नोटिफिकेशन होने के बाद ही उपविधि को लागू किया जाएगा। ऐसे में नगर पंचायत बद्रीनाथ के ईओ सुनील पुरोहित का कहना है कि बद्रीनाथ क्षेत्र में बीते सालों में कुछ मजदूर मांस के साथ पकड़ा गए अब इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगा चुका है। इसके अलावा क्षेत्र में झुग्गी झोपड़ी बनाने से पहले नगर पंचायत की अनुमति लेना बहुत अनिवार्य हो गया है। अब ऐसे में नियमित तरीके से शौचालय का निर्माण करवाना भी बहुत जरूरी हो चुका है।
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