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Hanuman Ji की प्रतिमा पर सिंदूर चढ़ाने के पीछे क्या है पौराणिक कथा, जानें किसने दिया था वरदान

Hanuman Ji
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Hanuman Ji : हिंदू धर्म में हनुमान जी को अदम्य शक्ति, अटूट साहस और निस्वार्थ भक्ति का प्रतीक माना जाता है। देश के किसी भी कोने में चले जाइए, हनुमान मंदिर में उनकी प्रतिमा पर चढ़ा सिंदूर जरूर नजर आएगा। यह केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि रामभक्ति से जुड़ी गहरी आस्था का प्रतीक है। भक्त मानते हैं कि सिंदूर चढ़ाने से संकट दूर होते हैं और जीवन में ऊर्जा का संचार होता है, लेकिन इसके पीछे की कथा बेहद प्रेरक और चौका देने वाला है।

हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करने की परंपरा रामायण काल से जुड़ी मानी जाती है। यह कथा माता सीता और हनुमान जी के बीच हुए एक छोटे से संवाद से शुरू होती है, जिसने आगे चलकर भक्ति की सबसे बड़ी मिसाल कायम की।

Hanuman Ji ने पूछा सवाल

कथा के अनुसार, एक दिन हनुमान जी ने माता सीता को अपनी मांग में सिंदूर लगाते देखा। उनकी सरलता और जिज्ञासा जाग उठी। उन्होंने विनम्रता से पूछा कि यह सिंदूर क्यों लगाया जाता है और इसका क्या महत्व है। माता सीता ने मुस्कुराकर उत्तर दिया कि सिंदूर लगाने से प्रभु श्रीराम की आयु लंबी होती है और वे सदा प्रसन्न रहते हैं। माता सीता का यह उत्तर हनुमान जी के हृदय में बस गया। उन्होंने सोचा कि अगर थोड़े से सिंदूर से प्रभु की आयु बढ़ती है, तो पूरे शरीर पर सिंदूर लगाने से उनका कल्याण और भी अधिक होगा। इसी भाव में डूबकर हनुमान जी ने अपने पूरे शरीर पर सिंदूर का लेप कर लिया और उसी अवस्था में श्रीराम के दरबार में पहुंच गए।

राम दरबार में हुए भावुक

हनुमान जी को इस रूप में देखकर पूरा दरबार चकित रह गया। जब श्रीराम ने इसका कारण पूछा, तो हनुमान जी ने निश्छल भाव से अपनी भावना प्रकट की। उनकी बात सुनकर श्रीराम भावुक हो उठे। उन्होंने हनुमान जी को गले लगाया और उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर विशेष वरदान दिया। भगवान श्रीराम ने कहा कि जो भी भक्त हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करेगा, उस पर उनकी कृपा बनी रहेगी और उसके जीवन के संकट दूर होंगे। इसी वरदान के बाद से हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने की परंपरा प्रचलन में आई, जो आज भी करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र है।

महत्व

धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ सिंदूर का ज्योतिषीय महत्व भी बताया जाता है। इसे मंगल ग्रह से जोड़ा जाता है, जो साहस और ऊर्जा का प्रतीक है। हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने से मंगल और शनि से जुड़ी बाधाएं शांत होने की मान्यता है। इसलिए संकट के समय भक्त सबसे पहले हनुमान जी के चरणों में सिंदूर अर्पित करते हैं।

Note: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। headlinesindianews.com इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है।

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