Magh Mela 2026 : माघ मेला शुरू होते ही संगम नगरी में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ता है। लाखों श्रद्धालु स्नान, दान और दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिससे शहर की सड़कें और गलियां दबाव में आ जाती हैं। माघ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रशासन और यातायात व्यवस्था की सबसे बड़ी परीक्षा भी होता है। इस बार प्रशासन ने पहले से ही कमर कस ली है, ताकि श्रद्धालुओं को संगम तक पहुंचने और वापस लौटने में किसी तरह की परेशानी न हो। माघ मेला के दौरान शहरवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित न हो, इस पर भी खास ध्यान दिया गया है।
माघ मेला में उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यातायात पुलिस ने प्रवेश और निकास को अलग-अलग रखने का फैसला किया है। योजना के मुताबिक, श्रद्धालुओं को संगम क्षेत्र में काली सड़क यानी जवाहरलाल नेहरू मार्ग से प्रवेश कराया जाएगा, जबकि वापसी के लिए त्रिवेणी मार्ग को निकास मार्ग बनाया गया है।
Magh Mela में जाम से राहत
बता दें कि इससे आमने-सामने की भीड़ टकराने की स्थिति नहीं बनेगी और जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। पुलिस का मानना है कि एकतरफा ट्रैफिक व्यवस्था से वाहनों और पैदल यात्रियों दोनों की आवाजाही सुचारु रहेगी। इस पूरी यातायात योजना को जमीन पर उतारने के लिए सोमवार को रिजर्व पुलिस लाइंस में विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें मेला ड्यूटी में लगाए जाने वाले पुलिसकर्मियों को ट्रैफिक रूट, डायवर्जन और आपात स्थितियों से निपटने के तरीके समझाए गए।
उपनिरीक्षक ने दी ये जानकारी
यातायात उपनिरीक्षक अवधेश कुमार सिंह ने माघ मेला के दौरान लागू किए जाने वाले नियमों और व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी दी, ताकि हर पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से निभा सके। प्रशिक्षण के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि संगम क्षेत्र में जाने वाले श्रद्धालु केवल निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें। काली सड़क से प्रवेश और त्रिवेणी मार्ग से निकास की व्यवस्था इसलिए की गई है, ताकि संगम पर अनावश्यक भीड़ न रुके और स्नान के बाद लोग आसानी से बाहर निकल सकें।
हाईटेक इंतजाम
माघ मेला क्षेत्र में सुरक्षा केवल यातायात तक सीमित नहीं है। प्रशिक्षण के दौरान फायर ब्रिगेड की तैयारियों की भी जानकारी दी गई। मेला क्षेत्र में फायर स्टेशन, फायर बाइक और एआई कैमरे तैनात किए गए हैं। इनका उद्देश्य यह है कि आग जैसी किसी भी घटना पर एक से दो मिनट के भीतर कार्रवाई की जा सके। प्रशासन का दावा है कि तकनीक और त्वरित रिस्पॉन्स के जरिए किसी भी हादसे को बड़ा बनने से पहले रोका जाएगा। प्रशासन को उम्मीद है कि तय रूट और सख्त निगरानी से माघ मेला शांति, सुरक्षा और सुव्यवस्था के साथ संपन्न होगा।
Read More : Home Loan हुआ सस्ता, नए साल से पहले यूनियन बैंक का तोहफा





