Yogi Cabinet : Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे अहम फैसला नई वार्षिक तबादला नीति को लेकर रहा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई नीति पूरे प्रदेश में लागू कर दी जाएगी। इसके साथ ही किसानों के मुआवजे, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय व्यंजनों की ब्रांडिंग से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी मुहर लगी है। सरकार की नई तबादला नीति के तहत अब विभागाध्यक्ष और संबंधित मंत्री संयुक्त रूप से कर्मचारियों के तबादलों पर फैसला लेंगे।
नई व्यवस्था में यह भी तय किया गया है कि किसी भी विभाग में कुल स्वीकृत पदों के अधिकतम 10 प्रतिशत तक ही तबादले किए जा सकेंगे। सरकार का कहना है कि इससे प्रशासनिक संतुलन बना रहेगा और अनावश्यक स्थानांतरण पर रोक लगेगी।
Yogi Cabinet के बड़े फैसले
राज्य सरकार के मुताबिक नई नीति का उद्देश्य सरकारी कामकाज को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। लंबे समय से तबादलों को लेकर उठते सवालों और शिकायतों को देखते हुए इस बार प्रक्रिया को ज्यादा व्यवस्थित बनाने की कोशिश की गई है। अधिकारियों की तैनाती में संतुलन बनाने के साथ-साथ विभागीय कार्यों की गति बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश की पारंपरिक खानपान संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘एक जनपद, एक व्यंजन’ योजना को भी मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों के प्रसिद्ध व्यंजनों की पहचान कर उनकी ब्रांडिंग की जाएगी। सरकार ने इसके लिए 150 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। माना जा रहा है कि इससे स्थानीय कारोबार, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
किसानों के लिए मुआवजे के नए रेट तय
सरकार ने हाईटेंशन बिजली लाइनों से प्रभावित किसानों को राहत देते हुए मुआवजे की राशि में 21 से 33 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। अब बिजली के खंभों के नीचे आने वाली जमीन और उसके आसपास एक मीटर तक की भूमि पर किसानों को दोगुना मुआवजा मिलेगा। वहीं बिजली तारों के नीचे आने वाली जमीन के लिए 30 प्रतिशत तक मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है। कैबिनेट बैठक में पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने पूरे प्रदेश में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। खास बात यह है कि इनमें करीब 30 प्रतिशत पौधे फलदार होंगे। सरकार का मानना है कि इससे पर्यावरण संतुलन मजबूत होने के साथ किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के 150 राजकीय विद्यालयों में ‘DREAM (Design, Robotics, Electronics, Additive, Manufacturing) Skill Labs’ स्थापित करने का निर्णय लिया गया। pic.twitter.com/zmdJfvCp8f
— Government of UP (@UPGovt) May 4, 2026
इनपर सरकार का जोर
इन फैसलों को आगामी वर्षों की प्रशासनिक और आर्थिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। एक तरफ सरकार कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ किसानों, स्थानीय उद्योग और पर्यावरण को लेकर भी योजनाएं तैयार की जा रही हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन फैसलों का असर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।
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