UP Weather Update : उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है, लेकिन गर्मी से राहत अभी दूर नजर आ रही है। प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है और यह पिछले पांच से छह दिनों से यूपी-बिहार सीमा पर महराजगंज के आसपास ठहरा हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 23 जून से मानसून फिर सक्रिय हो सकता है और यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो 25 जून तक प्रदेश में इसकी औपचारिक एंट्री हो सकती है। फिलहाल लोगों को भीषण गर्मी, उमस और लू का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को प्रदेश के 24 जिलों के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है।
पूर्वांचल और बुंदेलखंड के कई जिलों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि 24 जून तक तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे लू की स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। कम हवा और बढ़ती नमी के कारण उमस भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
UP Weather Update
सहारनपुर, आगरा और झांसी समेत नौ जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है, लेकिन इससे गर्मी में विशेष राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि छिटपुट बारिश से वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिससे उमस और अधिक महसूस होगी। शुक्रवार देर रात प्रयागराज के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई, जबकि फर्रुखाबाद और कानपुर में भी तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। शनिवार सुबह सोनभद्र में तेज बारिश के बाद मौसम पूरी तरह बदल गया। घने बादलों और लगातार हो रही वर्षा से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। कई दिनों से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली है। बारिश के कारण वातावरण में ठंडक घुल गई और मौसम सुहावना हो गया।
राजधानी में बढ़ेगी तपिश
लखनऊ में सुबह से तेज धूप और उमस का असर देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार आज अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। अगले पांच दिनों तक राजधानी समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान बढ़ने का अनुमान है।शुक्रवार को बांदा 44.2 डिग्री सेल्सियस के साथ देश का सबसे गर्म शहर रहा, जबकि वाराणसी 43 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ दूसरे स्थान पर दर्ज किया गया। दोनों जिलों में दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं का असर बना रहा।
अल नीनो और जेट स्ट्रीम भी बने चुनौती
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की धीमी गति के पीछे अल नीनो जैसी परिस्थितियां भी जिम्मेदार हो सकती हैं। अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) की रिपोर्ट के मुताबिक इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन अपेक्षित गति से सक्रिय नहीं हो पाया है। वहीं जेट स्ट्रीम का मौजूदा पैटर्न भी मानसूनी हवाओं की प्रगति को प्रभावित कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले चार से पांच दिनों में स्थिति बदल सकती है और मानसून फिर तेजी पकड़ सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 25 जून के आसपास प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इसी दौरान मानसून की एंट्री भी संभव है। तब तक उत्तर प्रदेश के लोगों को गर्मी, उमस और लू के मिश्रित असर का सामना करना पड़ सकता है।
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